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अर्पित अपहरणकांडः पीटकर बदमाश बोले, फिरौती नहीं मिली, तो पाकिस्तान बार्डर पर छोड़ेंगे

Tue, 18 Jun 2019 02:04 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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एलआईसी अधिकारी का बेटा अर्पित - फोटो : अमर उजाला
चार घंटे बदमाशों की कैद में रहने के बाद मुक्त हुए अर्पित ने पूरी कहानी बयां की। उसने बताया कि उसका अपहरण तीन बदमाशों ने किया। उसे तमंचा दिखाया, गाड़ी में नीचे गिरा लिया, एक बदमाश ने पैर रख दिया था। वे काफी देर शहर में ही घूमते रहे। इसके बाद रास्ते में एक पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल भरवाया। दो बदमाश आपस में बात कर रहे थे। कह रहे थे, बड़ी आसामी हाथ लगी है, दो करोड़ की फिरौती वसूल करेंगे। अगर इसके पिता ने पैसा नहीं दिया तो उसे पाकिस्तान बार्डर पर ले जाएंगे। इसे और गाड़ी को वहीं पर छोड़ देंगे। फिर एक बदमाश बोला, नहीं, अगर पैसा नहीं मिला तो इसे मार देंगे।
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अर्पित के पिता से बात करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
अंकित बदमाशों के चंगुल में होकर भी छूटने की कोशिश करता रहा। उसने बताया कि एक बदमाश को उसने दांतों से काट लिया था। इस पर वे गुस्सा हो गए। उसे पीटा, लात मारी, हाथ से पीटा और फिर बंदूक से भी मारा। उनके पास एक ही बंदूक थी। अर्पित ने बताया कि बदमाशों ने उसके हाथ और पैर बांध दिए थे। उसे गाड़ी में डाल दिया था। मुड़ी में जब बदमाशों को पुलिस नजर आई तो उसे छोड़ गए। वह गाड़ी में था। हाथ पैर बंधे थे, इसलिए हिलडुल नहीं सकता था। बदमाश दस दस मिनट के बाद आकर उसे देखते थे।
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अपहरण के बाद सीसीटीवी चेक करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
अर्पित ने बताया कि बदमाश उसे सुबह को ले जाना चाहता था। रात भर मुड़ी में रुकना। इस बीच वहां कई बार पुलिस गुजरी तो डर गए। वे काफी देर गाड़ी के अंदर झांकने नहीं आए, तब हाथ पैर खोले और बाहर आया। मुड़ी में रात के दो बजे तक पुलिस की कांबिंग चलती रही लेकिन अपहरण करने वाले बदमाश हाथ नहीं आए। पुलिस अब हाईवे के सीसीटीवी फुटेज चेक करेगी। उस पेट्रोल पंप का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा जहां से बदमाशों ने गाड़ी में पेट्रोल डलवाया था।

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देर रात वाहनों की चेकिंग करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एक तो पुलिस के सामने अपहरण हुआ। इसके बाद जब थोड़ी ही दूर में यह सूचना मिल गई कि बदमाश अर्पित का अपहरण कर उसे कार से ले जा रहे हैं, तब भी पुलिस ने मुस्तैदी नहीं दिखाई। एसएसपी जोगेंद्र सिंह ने आदेश दिया कि हर चौराहे पर, हर बैरियर पर चेकिंग की जाए, कोई भी कार बगैर चेकिंग के जाने न दी जाए लेकिन ऐसा हुआ नहीं। चेकिंग में ढिलाई बरती गई। पुलिसवाले देर से सक्रिय हुए। चेकिंग प्वाइंट पर थे ही नहीं। जब तक पहुंचे, तब तक बदमाश दूर निकल चुके थे। रात दस बजे तक चेकिंग चलती रही लेकिन बदमाशों का कोई सुराग तक नहीं लग पाया। 
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अर्पित के अपहरण के बाद छानबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
प्रतापपुरा के ऑटो पार्ट्स मार्केट में जिस जगह से अपहरण हुआ, पुलिस उसके ठीक पास में खड़ी थी। मुश्किल से 15 कदम की दूरी थी, लेकिन पुलिसवाले आराम की मुद्रा में थे। उन्हें इसका आभास ही नहीं था कि आसपास क्या चल रहा है? हालांकि पांच मिनट पहले ही वह सक्रिय हुए थे, लेकिन सक्रियता सिर्फ इतनी थी कि धर्मेन्द्र उपाध्याय की कार को दुकान के सामने से हटवाया था। उनसे कहा था कि वीआईपी इधर से गुजरने वाले हैं। दुकान के सामने से कार हटाओ, दूर खड़ी करो। इसकेबाद वे फिर से जीप में जाकर बैठ गए। दस मिनट बाद ही अर्पित का अपहरण हो गया। पुलिसवालों को कुछ पता नहीं चला कि बाहर क्या हुआ है? अर्पित का भाई अंशुमान, पिता धर्मेन्द्र, जीजा ब्रजेश इधर उधर दौड़ रहे थे। लोगों से पूछ रहे थे कि कार को कौन ले गया? उसमें अर्पित था लेकिन पुलिसवाले हरकत में नहीं आए। धर्मेन्द्र ने बताया कि वह जब पुलिस के पास गए और बताया कि अर्पित का अपहरण हो गया है, तब पुलिसवाले एक्टिव हुए। उन्होंने थाना और अधिकारियों को सूचना दी
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