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Kasganj Murder: '6S-1M' का फार्मूला भूलना पड़ रहा भारी, जानें कब-कब हुआ पुलिस पर हमला

Thu, 11 Feb 2021 09:19 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा/कासगंज
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कासगंज हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के बिकरू कांड से सबक लेने की जगह इसकी गलतियों को पुलिस बार-बार दोहरा रही है। यह लापरवाही पुलिसवालों को जान पर भारी पड़ रही है।कासगंज में भी ऐसी ही लापरवाही सामने आई है। 'सिक्स एस-वन एम' का फार्मूला भूल जाना भी भारी पड़ा। कासगंज जिले में ही नहीं, बिकरू कांड के बाद और उससे पहले भी आगरा जोन में पुलिस पर कई बार हमले हो चुके हैं। अगली स्लाड्स में जानें कब-कब हुए पुलिस पर हमले...

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कासगंज हत्याकांड: कटरी में कॉम्बिंग करती पुलिस फोर्स - फोटो : अमर उजाला
सिक्स एस-वन एम का फार्मूला भूल जाना पड़ रहा भारी
रिटायर्ड सीओ बीएस त्यागी का कहना है कि प्रशिक्षण में फील्ड क्राफ्ट कोर्स का फार्मूला ‘सिक्स एस - वन एम’ सिखाया जाता है। इसमें शेडो (परछाई), शाइनिंग (चमक), सरफेस (सतह), शेलहट (खाका), शेप (आकार) स्पेसिंग (फासला) और मूवमेंट (हरकत) को भूल जाना भारी पड़ रहा है। यह बदमाशों पर दबिश का फार्मूला है। इसका अर्थ यह है कि  दबिश के दौरान बदमाश की हरकत पर नजर हो, पुलिसवाले उसे बदमाश को नजर न आएं और पर्याप्त दूरी बनी रहे।

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कासगंज हत्याकांड: यहीं पर हुई थी पुलिसकर्मियों से बर्बरता - फोटो : अमर उजाला
पूरी जानकारी जुटाई जाए
1. जिस बदमाश पर दबिश देनी है, सबसे पहले उसके बारे में जानकारी जुटाई जाए, कितना खतरनाक है, उसके पास कैसे असलाह हैं, गिरोह में कितने सदस्य हैं।
2. जिस जगह दबिश देनी है, वहां के लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाए, जरूरत पड़ने पर किसकी मदद लेनी है, पता हो।
3. खुफिया सूचना के आधार पर फोर्स और हथियार लिए जाएं, तब दबिश दी जाए, वहां पहुंचते ही पहले पोजिशन ली जाए।
4. अगर बदमाश भारी पड़ें तो किस तरफ से भागना है, इसकी जानकारी पहले से हो।
(जैसा रिटायर्ड डीएसपी एके सिंह ने बताया)

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आगरा: तोरा पुलिस चौकी कांड - फोटो : अमर उजाला
तोरा चौकी कांड- आगरा
तारीख :  31 दिसंबर 2020 
स्थान : तोरा चौकी, ताजगंज
घटना : हादसे में युवक की मौत के बाद पहुंची पुलिस पर पथराव, चौकी फूंकी, पुलिस वालों को पीटा।
चूक : बगैर तैयारी केगई थी पुलिस, बॉडी प्रोटेक्टर नहीं थे, फोर्स कम थी, अफसर भाग गए।

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सिपाही सोनू चौधरी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
सिपाही सोनू चौधरी हत्याकांड - खेरागढ़ (आगरा)
तारीख : 08 नवंबर 2020
घटना : सोन का नगला गांव में खनन माफिया ने सिपाही सोनू चौधरी पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी।
चूक : माफिया पर कार्रवाई के लिए गई पुलिस टीम केपास असलाह तक नहीं थे, डंडे लेकर गए थे सिपाही।
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दरोगा निशामक त्यागी - फोटो : अमर उजाला
दरोगा पर पर हमला, इरादतनगर 
तारीख : 09 नवंबर 2019
घटना : खनन माफिया के ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने पर दरोगा निशामक त्यागी को गोली मारकर घायल कर दिया।
चूक : अवैध खनन कर लाई जाने वाली रेत लदी ट्रॉलियों के रूट पर गई पुलिस टीम में सदस्य कम थे, हथियार भी नहीं थे। दरोगा निहत्था ही जूझा माफिया से।

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कासगंज हत्याकांड: शहीद देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
सिपाही देवेंद्र की हत्या, सिढ़पुरा (कासगंज)
तारीख : 9 फरवरी 2021
घटना: सिढ़पुरा क्षेत्र में अवैध शराब की सूचना पर कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। इसमें सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई। दरोगा अशोक कुमार घायल हो गए।  
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कासगंज हत्याकांड: कटरी में कॉम्बिंग करती पुलिस फोर्स - फोटो : अमर उजाला
पुलिस टीम पर हमला, लोहामंडी
तारीख : 30 दिसंबर 2020
घटना : बदमाश को पकड़ने आई पुलिस टीम पर पथराव हुआ, गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।
चूक : बगैर खुफिया सूचना जुटाए आई थी पुलिस, हमले होने पर बचाव का प्लान ही नहीं था।
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