कासगंज सोरोंजी तीर्थनगरी में लहरा गंगाघाट तक कांवड़ियों की टोली की धूम मची हुई है। भगवान भोलेनाथ के चित्र छपे केसरिया परिधानों में कांवड़िए बम भोले के जयकारे लगाते हुए कांवड़ भरकर गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। लहरा गंगाघाट से तीर्थनगरी की ओर सजी हुई कांवड़ लेकर कांवड़ियों की टोलियां एक के बाद एक नजर आ रही हैं।
लहरा गंगाघाट से कांवड़ यात्रा शुरू करने के बाद पहले पड़ाव के रूप में कांवड़िए तीर्थनगरी के पार्कों, बस स्टैंड व अन्य छायादार स्थलों पर रुककर विश्राम करते हैं। पहले पड़ाव के बाद तीर्थनगरी से कासगंज की ओर यात्रा शुरू होती है। जहां भी थकान महसूस होती है तो आस पास घने के पेड़ों के नीचे रुकक कांवड़िए विश्राम करते हैं। मध्यप्रदेश के शिवपुरी के शिवभक्तों की कई टोलियां शुक्रवार को कांवड़ भरकर ले गईं। ये टोलियां पहले सोमवार को अपने क्षेत्रों के शिवालयों में भगवान शिव का अभिषेक करेंगी। कांवड़ियों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। जितने कांवड़ भरकर प्रस्थान कर रहे हैं उतने ही कांवड़िए लगातार पहुंच भी रहे हैं।
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गंगाजल लेने जाते कांवड़िए
- फोटो : अमर उजाला
जलाभिषेक से पूरी होती है मनोकामना
मध्यप्रदेश कुशुआन से आए भक्त वीरपाल ने बताया कि श्रावन मास में हर वर्ष सोरोंजी आकर गंगाजल ले जाते हैं। महादेव का जलाभिषेक करते हैं सारी मनोकामना पूरी होतीं हैं।
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कांवड़ मेला में श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश शिवपुरी के रहने वाले हाकिमपाल ने बताया कि हर वर्ष टोली के साथ गंगाजी के पवित्र जल में स्नानकर कांवड़ सजाकर जल भरकर ले जाते हैं। भोले बाबा की कृपा से सफर आसानी से पूरा हो जाता है।
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कांवड़ मेला में श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश में दुर्गापुर के रहने वाले कैलाश ने कहा कि बाबा भोलेनाथ व मां गंगा के आशीर्वाद से 10 वर्षों से निरंतर कांवर में गंगाजल रखकर ले जाते हैं। भोले बाबा का अभिषेक करते ही शरीर ऊर्जा से परिपूर्ण हो जाता है।
मध्यप्रदेश के मेहरबान सिंह ने बताया कि भोले बाबा की ऐसी कृपा है जो मांगो वह मिल जाता है। सच्ची आस्था व भक्ति से हम कई वर्षों से टोली बनाकर सोरोंजी का पवित्र गंगाजल लेने आते हैं।