एटा लोकसभा सीट से सांसद रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का शनिवार रात को निधन हो गया। इसकी खबर मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई। कल्याण सिंह का एटा से गहरा नाता रहा है। प्रखर हिंदूवादी नेता के रूप में उनकी छवि से एटा के लोग पहले से ही प्रभावित थे। लेकिन एटा का नाता उनसे उस समय गहरा हो गया, जब उन्होंने 2009 में एटा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को करारी शिकस्त मिली थी।
भाजपा से अनबन के चलते उन्होंने 2009 में पार्टी छोड़ दी थी। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में एटा से चुनाव लड़ने आए। सपा ने उन्हें समर्थन दिया। मुलायम सिंह यादव ने उनके समर्थन में जनसभा को संबोधित किया था। सपा के इस कदम से आहत होकर पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। जो कल्याण सिंह के मुख्य प्रतिद्विंदी रहे। वहीं भाजपा से डॉ. श्याम सिंह शाक्य प्रत्याशी रहे थे। भाजपा के ही सच्चे सिपाही माने जाने वाले डॉ. महादीपक सिंह शाक्य कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे।