उत्तर भारत की प्रख्यात श्रीराम बरात में शामिल होने के लिए बुधवार को बारिश भी भक्तों के कदम नहीं रोक सकी। आगरा के अलावा फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, एटा, कासगंज, अलीगंज, भरतपुर, ग्वालियर से रामबरात देखने के लिए भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे। राम संकीर्तन और रघुनंदन के भजनों पर बराती रात भर नाचते रहे।
लाला चन्नोमल की बारहदरी (मन:कामेश्वर गली, रावतपाड़ा) और उसके आसपास का क्षेत्र का नजारा अयोध्या नगरी सा दिखाई दिया। शाम ढलने के साथ ही पुराना शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। बारिश में भी दोपहर से ही लोगों का बारहदरी पर पहुंचना शुरू हो गया। बैंडबाजे बजने लगे। श्वेत अश्वों को देखने के लिए भक्तों की भीड़ घोड़ों के आसपास जमा होने लगी। बारहदरी के बाहर लगी झांकियों की कतारों में जब सतरंगी रोशनी जगमगाने लगी। इस बीच तो अलवर से प्रभु बरात में पहुंचे एसके अस्थाना ने जय श्रीराम का नारा लगा दिया। रघुवर का रथ आते ही बारिश शुरू हो गई। कुछ समय के लिए आयोजन रुका, लेकिन बारिश थमने के साथ ही वह समय भी आ गया जब प्रभु श्रीराम रथ पर विराजमान होने के लिए बारहदरी से निकले। बारहदरी से लेकर रथ पर विराजमान होने तक श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों पर पुष्प वर्षा होती रही।