हल्के सिंदूरी रंग की पोशाक व मोगरे के पुष्पों से सजे श्रीहरि बहन सुभद्रा व भाई बलराम के साथ नयन उत्सव में आए। इस दौरान भक्तों ने ऑनलाइन दर्शन किए। पट खुलते ही हरि बोल... के जयकारे गूंजने लगे। आगरा में मंगलवार को श्रीजगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन विग्रह स्वरूप के साथ प्रतीकात्मक रूप से मंदिर परिसर में ही किया जाएगा। भक्त ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे।
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नयन उत्सव में आए प्रभु जगन्नाथ
- फोटो : अमर उजाला
बीमारी के कारण 15 दिन विश्राम करने के बाद नयनोत्सव में भगवान श्रीजगन्नाथ ने भक्तों को दोपहर 12 बजे भोग आरती के साथ दर्शन दिए। इसी के साथ भगवान जगन्नाथ की प्रिय स्तुति गीत गोविंद व जगन्नाथ अष्टकम के साथ हरे रामा, हरे कृष्णा के कीर्तन संग प्रारंभ हुआ।
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300 पकवानों का लगाया भोग
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान 300 पकवानों का भोग लगाया गया, जिसे मंदिर में परिसर में ही पकाया गया था। प्रसाद में मुख्य रूप से खिचड़ी, सरपापुड़ी, परिजातक, अमालू, नूण खुरमा, सरकुम्पा, सानपुरी, फेनी जैसे वह सबी पकवान थे जो पुरी में लगाए जाते हैं।
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प्रभु जगन्नाथ
- फोटो : अमर उजाला
नयनोत्सव में पांच विशेष आरती ( दोपहर 12 बजे भोग आरती, शाम 4.30 बजे उत्थापन आरती, शामत 7 बजे गौर आरती, 8.30 बजे शयन आरती व रात 9 बजे बड़ा शृंगार आरती) की गईं।
इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविंद दास ने बताया कि कोरोना के कारण 23 जून को विग्रह स्वरूपों के साथ श्री जगन्नाथ यात्रा का आयोजन प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा। नयन उत्सव आगरा के अध्यक्ष अरविंद दास, कुलशेखर दास व बहुदक दास द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराया गया।