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अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस: जान जोखिम में डालकर मरीजों की देखरेख, बढ़ा रहीं मनोबल

Wed, 12 May 2021 10:51 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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एसएन मेडिकल के कोविड वार्ड में तैनात नर्स अंजलि - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण से मरीजों को बचाने के लिए अस्पतालों में नर्स दिन-रात सेवाएं दे रही हैं। परिवार के सदस्य की तरह मरीजों की देखरेख कर रही हैं। समय से दवा और खाना-पानी उपलब्ध कराने के साथ मरीजों का मनोबल भी बढ़ा रही हैं। हंसाने की कोशिश कर रही हैं। चुटकुले और गाने भी सुनाती हैं। हॉस्पिटल में मरीजों के लिए अपनों से बढ़कर सेवा दे रही हैं। उद्देश्य यह है कि हर मरीज ठीक होकर अपने घर पहुंच जाए। नर्स कोरोना काल में खुद अपने घर नहीं पहुंच रही हैं, कोई घर से आता-जाता भी है तो परिवार के सदस्यों से खुद को बिल्कुल अलग कर रखा है। 
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एसएन में तैनात नर्स अंजलि और अनुराग - फोटो : अमर उजाला
पांच जून को शादी, दो माह से घर नहीं गए
आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत अनुराग माथुर एक वर्ष से अधिक समय से कोविड हॉस्पिटल में सेवाएं दे रहे हैं। पांच जून को उनकी शादी है। अभी भी वह मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं। बोले कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए हॉस्पिटल का स्टाफ ही इस समय परिवार है। मरीजों की सेवा का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने का प्रयास जारी है। समय सारिणी के अनुसार मरीजों की दवा और खाने की व्यवस्था करता हूं। अनुराग का परिवार शिकोहाबाद में रहता है। वह दो माह से घर नहीं गए हैं। 
 
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कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रहीं नर्स - फोटो : अमर उजाला
हर मरीज ठीक होकर घर पहुंचे, यही प्रयास 
आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड हॉस्पिटल में स्टाफ नर्स के रूप में सेवाएं दे रहीं मोहिनी का कहना है कि इस समय यही प्रयास किया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित हर मरीज जल्द से जल्द ठीक होकर अपने घर पहुंच जाए। जब से कोविड हॉस्पिटल शुरू हुआ है, वह अपनी सेवाएं इसी में दे रही हैं। इस समय आइसोलेशन कंट्रोल रूम में ड्यूटी है। शास्त्रीपुरम में परिवार रहता है, सात वर्ष का बेटा व डेढ़ वर्ष की बेटी है। उन्होंने बताया कि पति बच्चों की देखभाल करते हैं। वह घर पहुंचने पर भी बच्चों से दूरी बनाए रखती हैं। अलग कमरे में रखती हैं। 
 

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आगरा में कोरोना: एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड के बाहर खड़ा स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : अमर उजाला
पिता मरीजों की सेवा के लिए प्रेरित करते हैं
स्टाफ नर्स अंजली कुमारी एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड हॉस्पिटल में आईसीयू में ड्यूटी दे रही हैं। मरीजों को दवा लगाने, खाना खिलाने के साथ उनका मनोबल बढ़ाती हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों को हंसाने व खुश रखने का प्रयास करती हैं, जिससे वह तनावग्रस्त न हों। अंजली का परिवार टूंडला के पमारी गांव में रहता है। उन्होंने बताया कि पिता चंद्रप्रकाश जब भी फोन पर बात करते हैं तो संकट की इस घड़ी में मरीजों की सेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
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नवागत मंडलायुक्त अमित कुमार गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
पर्दे के पीछे से मंडलायुक्त थामे रहे सांसों की डोर

शहर में कोरोना से जंग में जुटे मंडलायुक्त अमित गुप्ता अन्य कोरोना योद्धाओं के साथ लोगों की मदद और हौसलाअफजाई कर रहे हैं। खुद संक्रमित हुए और कोरोना को हराया। शहर में ऑक्सीजन संकट में आगरा ही नहीं अलीगढ़ व अन्य मंडलों के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराई। मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने रांची से लेकर जमशेदपुर, नोएडा सहित वो हर जगह, जहां से ऑक्सीजन मिल सकती थी, संपर्क किया। आपूर्ति में समय खराब न हो इसके लिए वायु सेना के साथ समन्वय किया। एयरलिफ्ट कर टैंकर बोकारो और जमशेदपुर भेजने की योजना को अमली जामा पहनाया। पिछले 15 दिनों में करीब 100 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) की शहर में आपूर्ति कराई। 
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ऑक्सीजन का टैंकर - फोटो : अमर उजाला
टैंकर पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर का सुझाव
लिक्विड ऑक्सीजन लेकर आने वाले टैंकरों को सही-सलामत गंतव्य तक पहुंचाने के लिए मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने ही जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह को ग्रीन कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया था। मंगलवार को डीएम ने इसके लिए दो टीमें बनाई हैं। टीम-ए में तीन सदस्य हैं। जिनका काम पुलिस एस्कोर्ट के साथ ऑक्सीजन टैंकर के लिए रास्ता साफ रखना है। दूसरी टीम-बी में सात सदस्य हैं, इनका काम टैंकर को अस्पतालों में खाली कराना, ड्राइवर के भोजन व आकस्मिक स्थिति में सहयोग करना है।

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