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आगरा: रैपुरा दीक्षित के तालाब में कछुओं के शिकार की सूचना से खलबली, एक मरा मिला, जांच शुरू

Mon, 24 May 2021 03:20 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा कछुआ
कछुआ दिवस पर रविवार को जैतपुर के रैपुरा दीक्षित गांव के तालाब में कछुओं के शिकार की सूचना से वन विभाग में हड़कंप मच गया। तालाब में कछुओं को पकड़ने के लिए जाल डाले जाने की सूचना पर टीम भागकर पहुंची। जाल और शिकारी तो नहीं मिले, लेकिन मौके पर एक मृत कछुआ मिला। सामाजिक वानकी रेंज जैतपुर के रैपुरा दीक्षित गांव के तालाब में जाल डालकर दो दर्जन कछुओं को पकड़ने की सोशल मीडिया पर सूचना वायरल होने से वन विभाग में रविवार को दिन भर हड़कंप मचा रहा। ग्रामीणों की मानें तो उन्होंने कुछ लोगों से तालाब से कछुओं को पकड़ते देखा। हालांकि गांववालों के पहुंचने पर वे लोग कछुए लेकर भाग निकले। सूचना पर फतेहाबाद के एसडीओ केएन सुधीर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर एक कछुआ मृत मिला। जिसका पोस्टमार्टम कराया गया। वन विभाग की टीम ने आसपास के लोगों से घटना की बावत जानकारी ली। एसडीओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।                    
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चंबल नदी - फोटो : अमर उजाला
गड़ायता कछुआ संरक्षण केंद्र की हैचरी से साल और ढोर प्रजाति के कछुए के 785 बच्चे रविवार को बाह रेंज के मऊ घाट पर छोडे़ गए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को कछुओं के संरक्षण के लिए जागरूक भी किया।
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बटागुर कछुओं के बच्चे चंबल नदी में छोड़ता वन दरोगा - फोटो : अमर उजाला
बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड ने बताया कि नेस्टिंग सीजन में टर्टल सर्वाइवल एलायंस (टीएसए) की टीम ने बालू में दिए कछुओं के अंडों को गड़ायता में बनी हैचरी में रखा था।

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chambal river - फोटो : chambal river
 हैचिंग से जन्मे 785 बच्चों को मऊ घाट पर छोड़ा गया। जिनमें साल प्रजाति के 50 और ढोर प्रजाति के 735 बच्चे शामिल हैं।
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चंबल नदी में कछुआ - फोटो : अमर उजाला
टीएसए के प्रोजेक्ट आफीसर पवन पारीक ने स्थानीय लोगों को कछुओं के महत्व को समझाया और उनके संरक्षण के लिए जागरूक किया। मौके पर टीएसए के शिशुभान सिंह, वन विभाग के मोहिताश आदि मौजूद रहे। 
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