वृंदावन की पावन धरा पर चल रहे कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक के पहले शाही स्नान में शामिल होने के लिए कई राज्यों से भक्त आस्था की डोर से बंधे चले आए। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं के दल से कुंभ स्थल लघु भारत के दर्शन करा रहा था। विदेशी श्रद्धालु भी कुंभ मेला में पहुंचे। माघ पूर्णिमा पर शनिवार को केशीघाट से देवरहा बाबा घाट तक सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं के स्नान करने का क्रम जारी रहा।
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वृंदावन कुंभ मेला: कुंभ क्षेत्र में उमड़ा जनसैलाब
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को प्रात:काल से ही यमुना तट पर श्रद्धालुओं के आने का क्रम प्रारंभ हो गया। केशीघाट, वंशीवट, जगन्नाथ घाट, कुंभ मेला और देवरहा बाबा घाट पर यमुना स्नान करने वालों की भारी भीड़ देखी गई। बच्चे, बूढ़े, जवान और महिलाएं यमुना की ओर चले जा रहे थे। तीर्थ नगरी के मुख्य मार्ग से लेकर कुंज गलियां राधे-राधे के जयकारों से गुंजायमान हो रही थीं।
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वृंदावन कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
सिर पर थैला और कुंभ की ओर रुख। यह दृश्य अपने आप में आकर्षित करने वाला था। दूर-दूर से आए कान्हा के भक्त अपने सामान का बोझा सिर पर रखकर कुंभ की ओर बढ़े जा रहे थे। कई किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद जब यह लोग यमुना तट पर बसी कुंभ नगरी में पहुंचे तो उनकी थकान यहां के दिव्य दर्शन पाकर उतर गई।
फरीदाबाद से परिवार के साथ वृंदावन कुंभ के पहले शाही स्नान के लिए आईं सरस्वती यहां आकर उत्साहित दिखाई दीं। सरस्वती अपनी गोद में लड्डू गोपाल की मूर्ति भी साथ लेकर आईं। बताया कि उन्होंने परिवार के साथ यमुना में स्नान किया है। अपने गोपालजी को भी यमुना में स्नान कराया है।
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वृंदावन कुंभ बैठक मेला 2021: नृत्य करतीं विदेशी श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन निवासी राधिका भी वृंदावन कुंभ के दर्शन पाकर अभिभूत हुईं। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से ब्रज में ही रहकर कान्हा की भक्ति कर रहीं हैं। आठ वर्ष से राधाकुंड में रह रहीं राधिका वृंदावन कुंभ में संतों के दर्शन पाकर कृतार्थ हुईं। उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लगा।
अजमेर से वृंदावन के यमुना तट पर बसे कुंभ में पहुंचीं। अपने परिवार के साथ आईं रेखा ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वृंदावन में भी कुंभ लगता है, लेकिन यहां आकर देखा तो उन्हें बहुत ही अच्छा लगा। संतों के दर्शन हुए यह बहुत भाग्य से मिलता है।