आगरा में शहर मुफ्ती के खिलाफ मुकदमे के विरोध में गुरुवार को बाजार बंद किया गया। ज्ञापन देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे और वापस गए। एक दिन पहले ही कलक्ट्रेट पहुंचने का आह्वान सोशल मीडिया पर किया गया था। इसकी जानकारी पर पुलिस और एलआईयू अलर्ट की गई। मगर, पुलिस और खुफिया तंत्र फेल हो गया। पुलिस की तैयारी के बावजूद लोग जुट गए।
सोशल मीडिया पर मैसेज सामने आने के बाद एसएसपी मुनिराज जी ने शहर के सभी थानों को अलर्ट कर दिया था। पुलिस की ड्यूटी लगाई थी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स थी। कुछ लोगों को चिह्नित किया गया। उनके घर भी पुलिस पहुंच गई। उन्हें बताया गया कि कानून व्यवस्था में खलल डालने वाला कोई कार्य नहीं करें। इससे मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
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मुकदमे के विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
शहर मुफ्ती और उनके बेटे के खिलाफ इस्लामिया लोकल एजेंसी के अध्यक्ष असलम कुरैशी ने मंटोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें उन पर राष्ट्रगान का विरोध करने का आरोप लगाया है। उनका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। सोशल मीडिया पर बुधवार को मुकदमे के खिलाफ लोगों ने आगरा बंद का आह्वान किया था।
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मंटोला में जुलूस निकालते लोग
- फोटो : अमर उजाला
सामने नहीं आए असली चेहरे
जिन लोगों ने भीड़ जुटाई थी, वह सामने नहीं आए। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मैसेज डाला था। इस पर ही लोगों के कमेंट आने शुरू हुए। एक ज्ञापन पर किसी का नाम नहीं लिखा गया। अब पुलिस सोशल मीडिया पर मैसेज डालने वालों की भी तलाश कर रही है।
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जामा मस्जिद के पास बंद रही दुकानें
- फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर बाजार बंदी के आह्वान के बाद गुरुवार को सुबह से ही मंटोला, ढोलीखार, हींग की मंडी से लेकर सदर भट्ठी तक की दुकानें बंद रहीं। ताजगंज में भी बाजार बंद रहे। हालांकि इसका असर शहर में लोहामंडी, वजीरपुरा, सैयद पाड़ा, शहीद नगर आदि में देखने को नहीं मिला। वहीं, बुधवार की रात को एक जूता कारोबारी के यहां समाज के संभ्रांत लोगों के साथ बैठक की गई, जिसमें दोनों पक्षों में सुलह की कोशिशें भी हुईं। इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकल सका।
ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी जमील उद्दीन कुरैशी ने कहा कि इस्लामिया लोकल एजेंसी के अध्यक्ष असलम कुरैशी ने अपने फायदे के लिए सियासी लोगों को बुलाया। उन्होंने मस्जिद में गीत-संगीत का कार्यक्रम किया। उन्होंने वक्फ की संपत्ति में अपना कार्यालय खोल रखा है। दुकानों और वक्फ की संपत्ति को बेचा जा रहा है। इस मामले में प्रशासन को उनके खिलाफ जांच करानी चाहिए। शहर मुफ्ती के बयान को असलम ने गलत तरीके से पेश किया।