फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hospital Fire: सो रही थी बेटी, बाथरूम में छिप गया था बेटा, बचाने के लिए गए राजन खुद भी फंस गए, दर्दनाक मौत

Thu, 06 Oct 2022 09:09 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
आर मधुराज अस्पताल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
आगरा के आर मधुराज हॉस्पिटल चलाने वाले राजन सिंह आग लगने पर घर के बाहर निकल आए थे। मगर, छोटा बेटा ऋषि और बेटी सिमरन अंदर फंसे रह गए। जब उन्हें दोनों के अंदर ही रह जाने का पता चला दौड़ पड़े। धुएं और अंधेरे के बीच घर में घुसे तो बाहर नहीं निकल सके। उनके बाहर नहीं आने पर लोगों के साथ ही पुलिस घर के अंदर पहुंची थी। राजन कमरे में फर्श पर पड़े थे, जबकि बेटी बेड पर थी, वह सोती रह गई थी। बेटा बाथरूम में मिला। तीनों की सांसें थम चुकी थीं।

शाहगंज के नरीपुरा में आर मधुराज हॉस्पिटल में आग लगने की घटना में डायरेक्टर राजन, उनकी बेटी सिमरन उर्फ शालू और बेटे ऋषि की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पिता गोपीचंद हादसे के बाद सदमे में हैं। उन्होंने रोते हुए खौफनाक मंजर के बारे में बताया। यह सुनकर लोग दहल गए। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
विज्ञापन

2 of 5
अस्पताल संचालक और उनके पिता गोपीचंद - फोटो : अमर उजाला
यही कहा कि घर में आग लगी थी। हर तरफ धुआं भरा हुआ था। बिजली गुल होने से अंधेरा हो गया। फिर किसी को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। वह बार-बार बच्चों को ढूंढ रहे थे। चार मरीज, तीमारदार और कर्मचारी बाहर आ गए थे। मगर, बच्चे नहीं दिखाई दे रहे थे। पहले उन्हें लवी नजर आया। बाद में बहू दिखी। वह अस्पताल के अंदर से जा रही सीढ़ियों से बाहर आ गई। आखिरी में राजन सामने आ गया। मगर, सिमरन और ऋषि कहीं नहीं दिख रहे थे। काफी देर तक आवाज लगाई, तब भी वो सामने नहीं आए। तब लगा कि दोनों अंदर ही सोते रह गए होंगे। बहू बच्चों के लिए चीखने लगी। इस पर राजन दौड़ पड़े।
विज्ञापन

3 of 5
अस्पताल संचालक की पत्नी - फोटो : अमर उजाला
गोपीचंद ने बताया कि राजन मुंह पर कपड़ा लेकर अंदर की तरफ चले गए। फिर बाहर नहीं आए। ऐसे में वह (गोपीचंद) डर गए। इस पर वो बगल के होटल की छत से अपने घर की छत पर पहुंचे। यहां से सीढ़ियां घर के अंदर जाती हैं। उससे वो अंदर पहुंचे। तब तक पुलिस और अन्य लोग भी अंदर चले गए थे। राजन फर्श पर पड़ा था।

4 of 5
आग की चपेट में आकर डॉक्टर, उनकी बेटी और बेटे की मौत - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि सिमरन बेड पर थी। ऐसा लग रहा था कि वह सेाती रह गई। ऋषि बाथरूम में बेहोश पड़ा हुआ था। उसने बचने के लिए ऐसा किया होगा, लेकिन बाथरूम में भी धुआं भर गया। आधे घंटे बाद उन्हें बाहर निकाला गया। मगर, तब तक तीनों की जान जा चुकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
आर मधुराज अस्पताल में लगी थी आग - फोटो : अमर उजाला

नर्स ने निकाला मरीजों को 

हॉस्पिटल में रात के समय नर्स सहित चार लोगों का स्टाफ रहता है। नर्स स्नेहा ने बताया कि अस्पताल में आग लगता देखकर उन्होंने सबसे पहले मरीजों के हाथ में लगी ड्रिप निकाली। उस समय चार मरीज भर्ती थे। इसलिए जल्दी उन्होंने ड्रिप निकालकर मरीजों को बाहर निकाल लिया। कुछ लोगों के साथ तीमारदार भी थे। इसके बाद शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर बगल में स्थित होटल के कर्मचारी आ गए। उन्होंने आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। वह होटल से सबमर्सिबल पंप का पाइप निकालकर लाए। आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। दमकल ने आग पर काबू पाया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें