आगरा कैंट स्थित जॉय हैरिस गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य ममता दीक्षित के वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप की जांच के मामले में डीआईओएस की रिपोर्ट पर एबीवीपी ने संदेह जताया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर उच्च स्तरीय जांच के लिए कार्यालय में ज्ञापन दिया। अराजक तत्वों को रोकने के लिए विद्यालय के बाहर पुलिस तैनात कराने की मांग की है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी नगर को ज्ञापन सौंपा। बताया कि प्रधानाचार्य वीडियो के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त होती है कि कॉलेज की शिक्षिकाओं द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। कॉलेज के बाहर अराजक तत्व आकर परिसर में शिक्षा की गुणवत्ता को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे उस प्रधानाचार्य महिला को आवागमन में अधिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन शिक्षिकाओं के द्वारा कॉलेज में पूर्व से चलती आ रही ड्रेस कोड को भी बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि पूर्ण रूप से गलत है।
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हिजाब प्रकरण
- फोटो : ANI
परिषद की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य प्रियंका तिवारी ने कहा कि प्रधानाचार्य ममता दीक्षित ने हिजाब-बुर्का पहनकर विद्यालय आने वाली छात्राओं को रोकते हुए उनको ड्रेस कोड में आने के लिए कहा तो उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।
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जॉय हैरिस गर्ल्स इंटर कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि जांच में डीआईओएस ने बिना साक्ष्य और बयान दर्ज किए आपसी मतभेद बताया है। प्रधानाचार्य के आरोपों की गंभीरता को समझते हुए डीएम उच्च स्तरीय समिति बनाकर जांच कराएं।
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दिया गया ज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
ज्ञापन देने वालों में शुभम कश्यप, सुब्रत हरदेनिया, तान्या सिंह, दीपक कश्यप, सुमित शर्मा, आकाश शर्मा, रोहित परमार, अजीत पिप्पल, रॉकी चौधरी, नितिन कुशवाहा, मनीष बघेल, हिमांशु यादव आदि मौजूद रहे।
बता दें डीआईओएस ने बताया था कि जांच में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया निराधार पाए गए हैं। पूछताछ में ये पाया गया कि शिक्षिकाओं और प्रधानाचार्य के बीच आपसी मतभेद और वरिष्ठता का विवाद है। ये रिपोर्ट डीएम और एसएसपी को भेजी गई है।