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Hathras Accident: दूर गए वो अब लौटकर न आएंगे...एक साथ इतने जनाजे देख कांप गया दिल, रुला देंगी ये तस्वीरें

Sun, 08 Sep 2024 09:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार


 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
आगरा जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी। 22 हजार की आबादी वाला गांव। एक हादसे ने 4 परिवार की 17 जिंदगियों को लील लिया। किसी का परिवार खत्म हुआ तो किसी ने पिता, बेटे और बेटी को खो दिया। आंखों से आंसू निकल रहे थे, दिल का दर्द चीखों में बाहर आ रहा था। सांत्वना देने वाले भी रो रहे थे। महिलाएं कभी दूर जा चुके अपनों को बुलातीं तो कभी रोते-रोते गिर पड़तीं। दुख ऐसा कि मानों गांव सैमरा गम के सागर में डूबा हो। हर तरफ बस मातम ही मातम...दिखा। पेश है आशीष शर्मा की एक रिपोर्ट।

बेदरिया के घर के बुझे 3 चिराग
गांव के नसीब अली के सबसे बड़े बेटे बेदरिया मजदूरी करते हैं। उन्होंने हादसे में दो बेटे छोटे अली, इरशाद और नाती अल्फेज उर्फ अल्ल्फयाज को खो दिया। परिजन बोले, बेदरिया 2 बेटी और 3 बेटे थे। बेटियां असगरी और शमां परवीन शादीशुदा हैं। शान मोहम्मद बाइक रिपेयरिंग करते हैं। छोटे अली राज मिस्त्री और इरशाद फेरी लगाकर सामान बेचते थे, हादसे में दोनों की माैत हो गई।



 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
काम होने की वजह से शान घर पर ही रुके थे। उन्होंने पत्नी नसरीन बेगम, बेटे अल्फेज, अजलान और बेटी आफरीन को चालीसवां में भेजा था। मां के साथ गए अल्फेज की भी जिंदगी खत्म हो गई। छोटे अली की पत्नी शबाना, बेटी सोना, परी, बेटा मोहम्मद अली, जबकि इरशाद की पत्नी आबिदा और बेटा आरिफ घायल हुए हैं। चालीसवां में जाने के लिए शबाना के पिता इशरत फिरोजाबाद से आए थे। परिजन ने बताया कि चालीसवां के बाद सासनी के गांव से जब परिवार चला तो बेदरिया गांव में ही रुक गए। बाकी लोग मैक्स लोडर से लौट रहे थे। तभी हादसा हो गया। परिवार में अकेला शान मोहम्मद ही कमाने वाला बचा।

 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
मेरे बेटे एक बार तुम लाैट आओ
बेदरिया के पड़ोस में छोटे भाई चुन्नाशी खां रहते हैं। वह कई साल पहले घर में लगी आग से झुलस गए थे। कामकाज नहीं कर पाते। हादसे में उनके बड़े बेटे हामिद उर्फ टल्ली (25), बहू तबस्सुम पत्नी हामिद (24), नाती सूफियान(1), सोहेब (3), बेटी खुशबू पत्नी हासिम (26) और धेवते उजैब (2) की माैत हुई। परिवार में चुन्नाशी के अलावा पत्नी फूलबानो, बेटा अनीश और बेटी महक बची हैं। महक शादीशुदा है। अलीगढ़ में ससुराल है। चुन्नाशी की देखभाल पत्नी और बेटे करते थे। बेटी खुशबू की शादी सासनी के मुकुंदखेड़ा में हुई थी। वह 1 साल से दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी।

 

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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
हादसे में उसके साथ बेटे उजैब की माैत हो गई। रिश्तेदार सोनम ने बताया कि चुन्नाशी के बेटे अनीश भी पहले जाने वाले थे। मगर, उन्हें बाजार लगाने जाना था। बाद में अपना इरादा बदल दिया। वह घर में ही रुक गए। फूलबानो पति की देखभाल के कारण नहीं जा पाई थीं। गांव से जनाजे उठे तो चुन्नाशी खां की पत्नी फूलबानो रोये जा रही थीं। वो एक ही बात बोल रही थीं मेरे बेटे तुम कहीं मत जाओ, एक बार लाैट आओ, मैं तुम्हें कहीं नहीं जाने दूंगी। मैंने किसी का क्या बिगाड़ा था। बेटे, बहू और बेटी की माैत से पूरा परिवार बेहाल है।

 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
बेटी को विदा नहीं कर पाए मुन्ने खां
हादसे में बेदरिया के भाई मुन्ने खां (55), उसकी बेटी गुलशन (15), नजमा (26) पत्नी आबिद और उसकी बेटी आरजू (4) की माैत हुई। मुन्ने खां मजदूरी करते थे। उनकी तीन बेटी अमीरन, जुबैदा और नजमा शादीशुदा थीं। नजमा आंवलखेड़ा, बरहन की थीं। चालीसवां में जाने के लिए वह दो दिन पहले ही पिता के घर आई थीं। परिजन ने बताया कि मुन्ने खां घर में सबमर्सिबल लगवा रहे थे। शुक्रवार को ही मशीन लगी थी। सबमर्सिबल पंप लगवाकर घर में पानी की लाइन बिछाने वाले थे। तभी चालीसवां में चले गए।

 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
मुन्ने की पत्नी जमीला शवों के पहुंचते ही जमीन पर गिर पड़ीं। यह देखकर परिवार की महिलाएं दाैड़ पड़ीं। उन्हें किसी तरह संभाला। परिजन ने बताया कि घर में जमीला हाथ में फ्रैक्चर होने के कारण रुक गईं थी, जबकि बेटा अमन और बेटी नहनी काम होने के कारण रुक गए थे। अगर, वो भी जाते तो हादसे का शिकार हो जाते। अमन आईटीआई कर रहा है। पिता मुन्ने की माैत के बाद घर में कोई भी कमाने वाला नहीं बचा है। उनकी एक बेटी गुलफ्शा का रिश्ता भी तय हो गया था। शादी नवंबर होना तय हुआ था। इसके लिए वह रकम जुटा रहे थे। बेटी को विदा करने से पहले ही उनके जीवन की डोर टूट गई। बेहाल परिजन एक ही बात कह रहे थे कि अब काैन बेटी का निकाह करेगा।

 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
पत्नी संग घर में रुके थे नूर मोहम्मद
बेदरिया के सबसे छोटे भाई नूर मोहम्मद के बेटे भोला उर्फ मनीष (19) और बेटी मुस्कान (16) की माैत हुई। परिजन ने बताया कि भोला मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी अमीना के भाई की माैत हो गई थी। इस कारण वो, पति और बेटा सोहेल नहीं गए थे। घर में ही रुक गए थे, जबकि नूर मोहम्मद की बेटी रुकसार, शेहरून, बहू आफरीन, नाती अयान चले गए। हादसे में चारों घायल हैं।

 
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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
गांव में रह रहा परिवार
गांव सैमरा में नसीब अली, आसिफ और सुबहानी तीन भाई थे। इनमें से नसीब और आसिफ के परिवार अब भी गांव में ही रह रहे हैं, जबकि सुबहानी अपनी ससुराल में खंगरई, सासनी, हाथरस में रहने चले गए। इनमें से नसीब अली के 5 बेटे थे। बेदरिया, लतीफा, मुन्ना, चुन्ने खां और नूर मोहम्मद हैं।
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