केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में एक जानकारी देकर खलबली सी मचा दी। सरकार ने बताया कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते एक भी मौत दर्ज नहीं की गई। राज्य स्वास्थ्य मंत्री भारती प्रवीण पवार के इस बयान ने विपक्ष को सवाल उठाने का मौका तो दिया ही है, आम आदमी और भाजपा समर्थकों को भी हैरान कर दिया। कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान एक समय में ऑक्सीजन की किल्लत से पूरा देश जूझ रहा था। ताजनगरी में सांसों के संकट के उस दौर में रेनू सिंघल अपने पति को बचाने के लिए अपनी जान पर खेल गई, उन्हीं दिनों राजामंडी निवासी 58 वर्षीय सुबोध कुमार गौतम की सांसें ऑक्सीजन सिलिंडर के इंतजार में थम गई। छोटा भाई हितेंद्र गौतम ऑक्सीजन प्लांट पर लाइन में खड़ा रहा। इधर, अस्पताल में बड़े भाई ने दम तोड़ दिया।