गंगा के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। तीन दिन से घट रहे जलस्तर में शुक्रवार को फिर से 25 सेंटीमीटर की वृद्धि हो गई। इससे कछला पुल पर यह 163.50 मीटर हो गया है। इससे गंगा के निचले इलाकों में फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
विज्ञापन
2 of 5
सड़कों पर भरा गंगा का बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
निचले इलाकों से पानी की निकासी दो दिन से कुछ हद तक शुरू हुई थी। शुक्रवार को गंगा नदी के जलस्तर में दोबारा वृद्धि होने से यह निकासी रुक गई। ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। नगला मुंता, नगला मोहन, खिमाई नगला, पनसोती नगला, नगला मनी, नगला खेड़ा, नगला डामर, जिजौल, नगला खुर्द, बझेरा, नगला जगमोहन, नौली फतुहाबाद, रामताल, टिकुरी नगला, नगला दुलार, सिकहरा में गंगा की बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
विज्ञापन
3 of 5
गांव में झोंपड़ी के निकट पहुंचा गंगा का पानी
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों को जो राहत मिलने की उम्मीद थी वह अभी मिलती नजर नहीं आ रही। ग्रामीणों की परेशानियां फिर से बढेंगी। कादरगंज के असलम खान ने बताया कि अभी भी तमाम गांव में पानी भरा हुआ है। किसानों को परेशानियां हो रही हैं। आवागमन के रास्ते कटे हुए हैं और नावों पर मल्लाह भी नहीं हैं।
4 of 5
जलस्तर बढ़ने से खेतों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
छोड़े गए पानी का लेखा जोखा
- 74782 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 74773 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 90858 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से खेतों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
गंगा के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। साधारण बाढ़ के हालात हैं। आबादी इलाके में मामूली रूप से सही पानी का असर पहुंचेगा। सिंचाई विभाग कटान को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है। टीमें बांधों और तटबंधों पर नजर बनाए हैं। - पंजाबी सिंह, बाढ़ नियंत्रण प्रभारी।