आगरा के बटेश्वर में इन दिनों उत्तर भारत का प्रमुख पशु मेला चल रहा है। इस मेले में विभिन्न राज्यों से पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए व्यापारी डेरा जमाए हुए हैं। विदेशी पर्यटक भी यहां पहुंच रहे हैं, जो इस विशाल पशु मेले को देखकर आश्चर्य चकित हो रहे हैं। जयपुर से गाइड के साथ बटेश्वर मेला घूमने आए इंग्लैंड के पर्यटकों का कहना है कि इतना बड़ा मेला तो अपने यहां भी नहीं देखा।
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चारपाई पर करतब करता घोड़ा
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को इंग्लैंड के पर्यटक बटेश्वर पशु मेले पहुंचे। उन्होंने मेले में नकुली, मारवाड़ी, काठियावाड़ी, पंजाबी, अबलख आदि नस्ल के घोड़ों की खूबियां जानी। मेले में विभिन्न नस्ल के घोड़ों और उनके करतब देखकर विदेशी पर्यटक स्तब्ध रह गए।
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बटेश्वर पशु मेले में विभिन्न नस्लों के घोड़े
- फोटो : अमर उजाला
विदेशी पर्यटक स्टेंस, हेविन, चेन का कहना था कि इंग्लैंड के घोड़ों के मेले से बटेश्वर का मेला बेहतर है। दुनिया में इससे अच्छा पशु मेला नहीं देखा है। मेले के बाद विदेशी पर्यटकों ने बटेश्वर के मंदिर और यहां की लोक परंपराओं के बारे में भी जाना।
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बटेश्वर मेले में पशु
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक महीने तक चलने वाले इस पशु मेले में कई राज्यों के पशु व्यापारी यहां डेरा जमाए हुए हैं। मेले में ऊंट, बैल, घोड़े, खच्चर, गधे, बकरी आदि पशु बिक्री के लिए लाए गए हैं। उम्दा नस्ल के घोड़ों की कीमत लग्जरी गाड़ियों से भी ज्यादा है।
कन्नौज के उस्मान सेठ नकुली नस्ल की घोड़ी चंपा और चमेली की जोड़ी लेकर आए हैं। उस्मान ने बताया कि दोनों की कीमत करीब 47 लाख रुपये है। चंपा 18 महीने की है। इसकी कीमत 25 लाख रुपये रखी है। वहीं 20 महीने की चमेली की कीमत 22 लाख रुपये है।