कासगंज जिले में गंगा नदी विकराल रूप लेती जा रही है। नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर को लेकर तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को 15 सेंटीमीटर और जलस्तर बढ़ गया। खेतों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। किसानों को मक्का, बाजरा की फसलों में नुकसान की आशंका है। सोमवार से मीडियम फ्लड (मध्यम बाढ़) स्तर का डिस्चार्ज लगातार नरौरा बैराज से बना रहा। पूरे दिन लगातार पानी बढ़ता रहा। मंगलवार को सुबह नरौरा से पानी के डिस्चार्ज में और बढ़ोतरी हुई। नरौरा बैराज से करीब 1.5 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज सोमवार के मुकाबले बढ़ गया, जिससे कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर सुबह 8 बजे 163.70 के निशान पर था। बुधवार को गंगा में बाढ़ के हालात और विकराल होने की आशंका है। बाढ़ को देखते हुए गांवों में खलबली मची हुई है। हालांकि सिंचाई विभाग का कहना है कि जिले में अभी खतरे की स्थिति नहीं है।
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कासगंज: खेतों में पहुंचने लगा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
गंगा में बढ़ता पानी लगातार ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर रहा है। बांधों के आसपास पानी एकत्रित होने लगा है, वहीं खेत-खलिहानों में बाढ़ का पानी भर गया है। यह पानी और तेजी से बढ़ेगा। इसको लेकर ग्रामीण सतर्कता बरतने लगे हैं। उढ़ेर बांध के सोता में पानी तेजी से पहुंच रहा है और पानी बढ़ने से दतलाना और उढ़ेर गांव की ओर पानी का रुख हो सकता है। नगला दल, डेलासराय व तटवर्ती इलाके के अन्य गांव की ओर भी खादर के बाद खेतों में पानी पहुंचा है।
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लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
सहावर क्षेत्र के गांव किसौल, किलौनी, सुन्नगढ़ी की आबादी में पानी ने दस्तक दे दी है। इस इलाके में तमाम ग्रामीणों ने सड़क पर अपनी चारपाई डाल ली है। बढ़ता पानी देख घरों में सामान को सुरक्षित किया है। बुधवार को गंगा के पानी का फैलाव गांव में और बढ़ जाएगा जिससे ग्रामीणों के सामने दिक्कतें बढ़ेंगी।
सोमवार को पानी का डिस्चार्ज
- हरिद्वार- 43336 क्यूसेक।
- बिजनौर- 75687 क्यूसेक।
- नरौरा- 225243 क्यूसेक।
- कछला ब्रिज- 163.70 मीटर के निशान पर।
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कासगंज में बाढ़: किसौल गांव तक पहुंचा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
मध्यम बाढ़ के लिए संवेदनशील हैं ये गांव
जिले में मध्यम बाढ़ से कई गांवों में खतरा बना हुआ है। इनमें लहरा, दतलाना, उढ़ेर, खड़ेरी, अजीतनगर, बमनपुरा, रफातपुर, सिंकदरपुर ढाव, सुन्नगढ़ी, चकरा, किलौनी, किसौल, नागर खिदरपुर, उलाईखेड़ा, शहवाजपुर, नगला हंशी, नगला जाटवान, पनसोती, म्यूनी, मेहोल, कादरगंज, बमनपुरा, हिम्मतनगर बझेरा, नगला मुंता, टिकुरीनगला, गठौरा, जिझौल, नगला खुर्द, नगला खिमाई, नगला मनी आदि हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि जिले में अभी ग्रामीण आबादी में बाढ़ का पानी नहीं घुसा है। आबादी पूरी तरह से सुरक्षित है। खेतों और कई गांव के पास तक पानी की दस्तक हुई है। जिले में मंगलवार को मध्यम बाढ़ के हालात रहे हैं। राहत की बात यह है कि हरिद्वार और बिजनौर से पानी का डिस्चार्ज काफी कम हुआ है। यह पानी आसानी से आगे की ओर पास हो जाएगा।