राजस्थान-मध्यप्रदेश की बारिश और काली सिंध के पानी से चंबल में आई बाढ़ से बाह के 14 गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। सोमवार को नदी का जलस्तर 4 मीटर घटकर 129.60 मीटर पर आ गया है। अभी भी मऊ की मढै़या, रानीपुरा, भटपुरा, गोहरा, भगवानपुरा, गुढ़ा, झरनापुरा, रेहा, कछियारा, डगोरा आदि गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूटा हुआ है। जलस्तर घटने के साथ ही बाढ़ की तबाही के निशान दिखने लगे हैं। उमरैठा पुरा गांव में घर का सामान दलदल में दब गया है। खेत और गलियां अभी भी डूबे हैं। बीहड़ में डेरा डाले उमरैठापुरा के भजन सिंह, हेत सिंह, तहसीलदार, कप्तान, लटूरी, रघुवीर आदि तबाही के निशान देखकर परेशान हो रहे हैं। बाढ़ प्रभावित तकरीबन सभी गांवों का यही हाल है। उमरैठा पुरा, गुढा, झरनापुरा में प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचा दी है। पुरा डाल, पुरा शिवलाल, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, भगवान पुरा, क्योरीबीच का पुरा, रेहा, डगोरा आदि गांवों के लोग अभी भी राहत सामग्री के लिए आस लगाए बैठे हैं।