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यूपी के सरकारी अस्पताल का हाल: फर्श पर इलाज, दावों का जनाजा; देखें फिरोजाबाद के ट्रॉमा सेंटर की तस्वीरें

Sat, 12 Sep 2026 08:11 AM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में वायरल, बुखार और हादसों के मरीजों की भीड़ से सभी बेड फुल हो गए, कई मरीजों का फर्श और बेंच पर इलाज करना पड़ा। करीब 30 गंभीर मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, जबकि एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती करने की मजबूरी और संक्रमण के खतरे ने चिंता बढ़ा दी है।
 
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फर्श पर इलाज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
 वायरल के बढ़ते प्रकोप, तेज बुखार और हादसों के बीच शुक्रवार को फिरोजाबाद का सरकारी मेडिकल कॉलेज कराहते मरीजों से खचाखच भर गया। इमरजेंसी, सर्जरी और मेडिसिन वार्ड के सभी बेड फुल हो गए। 30 गंभीर मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदगी से जंग लड़ रहे थे। वार्डों में कोई जगह नहीं बची और संक्रमण का खतरा बढ़ गया। अस्पताल प्रशासन ने किसी को बिना इलाज नहीं लौटाने की अपनी शपथ पर अडिग रहकर मिसाल पेश की। बेड की किल्लत के बीच डॉक्टरों ने हार मानने के बजाय फर्श और बेंचों पर चादरें बिछवाईं और वहीं ड्रिप लगाकर इलाज शुरू किया।

शुक्रवार दोपहर 12 बजे ईडी-3 वार्ड में कृष्णा नगर (थाना उत्तर) निवासी प्रेमदास (50) पहुंचे। सांस लेने में उन्हें तकलीफ थी। बेड न मिलने पर जमीन पर लिटाकर इलाज दिया गया। खैरगढ़ के गांव खैय्यातान निवासी 15 वर्षीय कन्हैया को सड़क हादसे में घायल होने के बाद सीएचसी से रेफर होकर आने पर फर्श पर ही उपचार मिला। जनरल वार्ड में भी सम्राट नगर की मुस्कान (24) और हाजीपुरा की अफसा (12) को एक ही बेड पर भर्ती किया गया। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि वायरल के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सांस फूलने और ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को 1800 मरीज ओपीडी में आए हैं।



 
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फर्श पर हो रहा मरीजों का इलाज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब ठीक हो...घर जाओ
सिरसागंज के सिरसाखास निवासी टीबी पीड़ित सोनी (50) को जब चक्कर आ रहे थे तब ट्रॉमा सेंटर के स्टाफ ने स्वस्थ बताकर डिस्चार्ज कर दिया। परिजन हाथ जोड़ते रहे पर दिल नहीं पसीजा और बीमार महिला बाहर बेंच पर असहाय होकर लेट गई। मानवीय संवेदनाएं तब जागीं जब राहगीरों के मोबाइल कैमरे ऑन हो गए और वीडियो बनने लगा। फजीहत से बचने के लिए उसी स्टाफ ने आनन-फानन में महिला को दोबारा बेड पर पहुंचाया।

 
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बेड हुए फुल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आंकड़ों में समझें बेबसी
30 बेड इमरजेंसी के और मेडिसिन वार्ड के 110 फुल
30 मरीज ऑक्सीजन पर
20 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था

 

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फर्श पर लेटे मरीज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संक्रमण का डर
अस्पताल में ठीक होने आए मरीज कहीं और गंभीर न हो जाएं, यह डर अब गहराने लगा है। स्वाइन फ्लू और टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों के मरीजों के ठीक बगल में अन्य रोगियों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, ड्रॉपलेट्स और सांसों के इस सीधे संपर्क से क्रॉस-इन्फेक्शन का खतरा है जो सामान्य मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

 
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खचाखच भरा वार्ड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने ये कहा 
मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन जैन ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण बुखार, उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। अस्पताल प्रशासन किसी भी मरीज को बिना इलाज लौटा नहीं रहा है, जिसके चलते यह असहज स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए 20 अतिरिक्त बेड की तत्काल व्यवस्था कराई गई है और उन्होंने आमजन से अपील की कि हल्की समस्या होने पर दवा लेकर घर पर आराम करें।
 
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