फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad Advocate Murder: 35 वर्षों से गोलियों का सामना करता रहा पीड़ित परिवार, बड़े भाई भी हो चुकी है हत्या

Tue, 20 Dec 2022 06:38 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
विज्ञापन
1 of 5
अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के दक्षिण थाना क्षेत्र के गांव लालऊ निवासी अधिवक्ता शिव शंकर दुबे की हत्या के बाद उनका परिवार टूट गया है। अधिवक्ता का परिवार पिछले 35 वर्षों से संघर्ष करने के साथ ही गोलियों का सामना कर रहा है। उनके सबसे बड़े भाई की हत्या 25 वर्ष पहले कर दी गई थी, जिसका आज तक खुलासा नहीं हुआ। दूसरे नंबर के भाई हरिशंकर दुबे की आंखों की रोशनी डकैती के दौरान बदमाशों की गोली से चली गई थी। अब शिव शंकर दुबे की हत्या कर दी गई। सोमवार की सुबह वह टहलने निकले थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने उनके सिर में गोली मार दी। इसके बाद फरार हो गए। अधिवक्ता की हत्या से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई रमाशंकर दुबे की तहरीर पर मोहल्ला भीमनगर निवासी धर्म सागर को नामजद करते हुए दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं।
विज्ञापन

2 of 5
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता शिव शंकर दुबे बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रह चुके थे। वे गांव लालऊ में परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि 25 साल पहले अधिवक्ता के सबसे बड़े भाई राधामरण की गांव बैंदी के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 
विज्ञापन

3 of 5
अधिवक्ता से भाई से जानकारी करते एसएसपी आशीष तिवारी - फोटो : अमर उजाला
35 साल पहले गांव लालऊ में डकैतों ने डकैती डाली थी। इस दौरान शिव शंकर के हरिशंकर दुबे जाग गए थे। तब बदमाशों ने उन पर गोली चलाई थी। इस दौरान हरिशंकर दुबे की आंखों में गोली लगी थी। उनकी रोशनी भी चली गई। 
 

4 of 5
अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता शिव शंकर दुबे न्यायालय परिसर में प्रैक्टिस कर रहे थे। वहीं परिवार और उनके भाइयों को बहुत हिम्मत थी। गांव और परिवार में कोई भी काम होता तो अधिवक्ता शिव शंकर दुबे से सलाह मशवरा किया जाता था। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
अब अधिवक्ता की हत्या से पूरा परिवार टूट गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। अधिवक्ता के तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे तन्मय की उम्र 18 वर्ष है। दूसरा बेटा ललित 14 साल और बेटी आन्या 12 साल की है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें