नए साल के आगाज के ढाई घंटे बाद ही गुरुवार की रात आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फतेहाबाद में हुए दर्दनाक हादसे में पति के सामने पत्नी कार में जिंदा जल गई। लखनऊ के मोहनलाल गंज निवासी विकास ( 28) धुआं निकलने पर बोनट खोलकर देख रहे थे, तभी कार आग का गोला बन गई और सेंट्रल लॉक लग जाने से पत्नी रीमा (26) निकल नहीं पाई। गेट खोलने की कोशिश में विकास के हाथ झुलस गए। दोनों की शादी दो दिसंबर 2020 को हुई थी। वे नव वर्ष पर वृंदावन से घर वापस जा रहे थे।
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रीमा का फाइल फोटो और झुलसा विकास
- फोटो : अमर उजाला
विकास दवा सप्लायर हैं। रीमा का मायका लखनऊ के ही कृष्णा नगर में है। दोनों बुधवार को आए थे। गुरुवार को मंदिरों में दर्शन किए। इसके बाद घर चल किए। विकास कार चला रहे थे। रीमा बगल वाली सीट पर बैठी थीं।
इसी कार में लगी आग जिससे रीमा की हुई मौत
- फोटो : अमर उजाला
फतेहाबाद पहुंचते ही कार से धुआं निकला। यह देख विकास उतर गए। उन्होंने इसकी वजह जानने के लिए बोनट खोला ही था कि धुआं आग में बदला और देखते ही देखते लपटें पूरी कार में फैल गईं। उन्होंने बताया कि तमाम कोशिश केबावजूद लॉक नहीं खुला। उनकी आंखों के सामने ही पत्नी जिंदा जल गईं।
एक घंटे बाद पहुंची पुलिस
विकास ने बताया कि उन्होंने पुलिस को फोन किया। वह एक घंटे बाद पहुंची। तब तक उनकी दुुनिया उजड़ चुकी थी। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। शुक्रवार सुबह उनके परिजन फतेहाबाद पहुंचे।
मदद के लिए आगे नहीं आए
विकास ने बताया कि उनके सामने पत्नी जिंदा जल रही थीं, वह मदद के लिए चीख रहे थे, लोगों कार को ब्रेक लगाते, आग देखते और आगे बढ़ जाते, मदद के लिए कोई नहीं आया।