आगरा थाना सदर के राजपुर चुंगी में दस्तावेज लेखक हरेश पचौरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी 25 हजार के इनामी भानू प्रताप मुदगल उर्फ बीपी को पुलिस ढूंढती रह गई, जबकि उसने शुक्रवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। बीपी ने धमकी और गाली-गलौज के पुराने मुकदमे में कोर्ट के समर्पण किया। कोर्ट ने उसे 12 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी के जेल जाने के बाद अब पुलिस लकीर पीट रही है। वहीं पचास हजार का इनामी सचिन कंजा अब भी फरार है।
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हरेश पचौरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
थाना सदर के राजेश्वर मंदिर के पास रहने वाले हरेश पचौरी की 19 दिसंबर को बाइक सवार शूटरों ने राजपुर चुंगी पर तीन गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में शूटर सचिन कंजा और उसके साथी आकाश का नाम सामने आया था। हत्या की सुपारी सचिन कंजा ने ली थी। हत्या की साजिश भानु प्रताप मुदगल और विष्णु प्रकाश रावत ने की थी।
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हरेश पचौरी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने 27 दिसंबर को हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए साजिशकर्ता विष्णु प्रकाश रावत और सुनील रावत उर्फ सोनू को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उधर, मुख्य आरोपी बीपी और शूटर सचिन कंजा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी थी। सचिन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, जबकि भानू प्रताप मुदगल पर 25 हजार रुपये का इनाम था।
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बबलू कुमार, एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। उधर, शुक्रवार को बीपी सीजेएम कोर्ट पहुंचा। उसके खिलाफ थाना सदर में ताजनगरी निवासी हरीश कुमार शर्मा ने 17 फरवरी 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि भानू प्रताप ने उससे दस लाख रुपये चौथ मांगी। रकम देने से मना करने पर भानू प्रताप उर्फ बीपी ने उस पर गोली चला दी थी। हमले में वह बाल-बाल बचे थे।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चौथ मांगने, जानलेवा हमला, जान से मारने की धमकी और गालीगलौज की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि विवेचना के बाद चौथ मांगने और जानलेवा हमले की धारा हटा दी गई। धारा 504 और 506 में चार्जशीट लगाई गई। इसी मामले में बीपी ने कोर्ट में समर्पण किया। सीजेएम ने उसे 12 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।