घटनास्थल पर एडीजी व एसएसपी आगरा
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कब क्या हुआ
बुधवार सुबह 11 :00 बजे : ठेल पर केले बेचने एक व्यक्ति आया। उसने आवाज लगाई। रेखा ने केले लेने से मना कर दिया। इस पर विक्रेता चला गया। तब पड़ोस के लोगों ने रेखा की आवाज सुनी थी।
दोपहर 12:00 बजे : पड़ोसी आशू निकलकर जा रहे थे। उन्होंने रेखा के घर का दरवाजा खुला देखा। इसके बाद शाम तक गली से तमाम लोग निकले। सभी को घर का दरवाजा खुला ही मिला।
रात तकरीबन 8:30 बजे : पड़ोसियों के मुताबिक, रेखा का मुंह बोला भाई आया। वह दरवाजे पर खड़ा रहा। दरवाजा खुला होने पर भी अंदर नहीं गया। काफी देर तक दीदी-दीदी आवाज लगाई। इस पर पड़ोसी आ गए। पारस भी पुकारा, लेकिन अंदर नहीं गया। पड़ोसी ने शंका भी जताई थी। सामना बिखरा था।
बृहस्पतिवार सुबह 8:00 बजे : पड़ोसी घरों से बाहर आए। उन्होंने घर का दरवाजा खुला देखा, जबकि खिड़कियां बंद थीं। घर से किसी की आवाज नहीं आ रही थी। बच्चे भी बाहर नहीं थे। इससे सभी को शक हो गया। उन्होंने फुलट्टी चौकी पर पहुंचकर सूचना दी।
सुबह 8:30 बजे : पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कमरों के अंदर जाकर देखा तो चारों की लाशें पड़ी हुई थीं। सामान बिखरा हुआ था।
10: 30 बजे : एडीजी राजीव कृष्ण ने घटनास्थल का मुआयना किया। छत पर भी गए।
10: 45 बजे : मृतका के पूर्व पति के परिजन भी आ गए। उनमें कोहराम मच गया।
11 : 00 बजे : आईजी नवीन अरोरा भी पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से बात की।
11 : 10 बजे : मृतका के मायका पक्ष के लोग आ गए। उन्होंने सुनील पर आरोप लगाया।
11:30 बजे : फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किया। काफी देर तक घर में तलाशी ली।
12 : 00 बजे : फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम बाहर आ गई।