फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली जाने पर अड़ीं मेधा पाटकर, आगरा-ग्वालियर हाईवे पर बैठे किसान, देखें आंदोलन की तस्वीरें

Fri, 27 Nov 2020 12:10 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
किसान का धरना प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
किसानों के साथ दिल्ली जा रहीं नर्मदा बचाव आंदोलन की अध्यक्ष मेधा पाटकर को रोके जाने पर आगरा-ग्वालियर हाईवे पर बुधवार रात से धरना प्रदर्शन जारी है। गुरुवार सुबह भी किसान हाईवे से नहीं हटे। इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने के बाद आगरा और धौलपुर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुंच गए। अधिकारियों के समझाने के बाद कुछ देर के लिए किसान हाईवे की एक लेन से हट गए। दोपहर दो बजे फिर से जाम लगा दिया। मेधा पाटकर ने कहा है कि आगे ही रणनीति आज ही तय की जाएगी।  


विज्ञापन

2 of 5
पुलिसकर्मियों से बात करतीं मेधा पाटकर (रात की तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
कृषि अध्यादेश के विरोध में दिल्ली जा रही रहीं सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को आगरा-धौलपुर सीमा पर रोक लिया गया। वह कार्यकर्ताओं के साथ कार से बुधवार रात साढ़े आठ बजे यहां पहुंची थीं। पुलिस द्वारा रोके जाने पर मेधा पाटकर ने किसानों के साथ हाईवे पर ही धरना शुरू दिया। इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया है। 
विज्ञापन

3 of 5
हाईवे पर किसानों संग प्रदर्शन करतीं मेधा पाटकर - फोटो : अमर उजाला
मेधा पाटकर मध्य प्रदेश के शिवपुरी से ग्वालियर होते हुई आगरा-धौलपुर सीमा पर पहुंची थीं। 11 जनवरी को छिंदवाड़ा से शुरू हुई जनाधिकार यात्रा का मेधा पाटकर नेतृत्व कर रही हैं। आगरा होते हुए उन्हें दिल्ली कूच करना था। वहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना है। मेधा पाटकर के साथ जनाधिकार यात्रा में कई किसान हैं। 

4 of 5
हाईवे पर बैठे आंदोलनकारी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस द्वारा रोके जाने पर मेधा पाटकर के नेतृत्व में सैकड़ों किसान बुधवार रात से धरने पर बैठे हैं। गुरुवार दोपहर को पुलिस के समझाने पर किसानों ने एक घंटे के लिए हाईवे की एक लेन खोल दी। दो बजे के बाद किसानों ने फिर से आगरा-ग्वालियर हाईवे पर जाम लगा दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
किसानों को संबोधित करतीं मेधा पाटकर - फोटो : अमर उजाला
मेधा पाटकर का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों के विरोध में और अंबानी, अडानी और जिंदल के पक्ष में तीन-तीन कानून कैसे ला सकती है?  संविधान दिवस के अवसर पर ही आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपनी सीमा से हमें आगे जाने दे। आगे जो भी होगा मंजूर है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें