एटा में परिवार के चार लोगों की हत्या का शक पुलिस को कमल पर दोपहर से ही था। रात में पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपी लाशों के पास बैठकर रोता रहा और सदमे में जाने का ड्रामा भी करता रहा।
एटा में चार लोगों की हत्या कर सोमवार दोपहर कमल घर से निकला और बाइक लेकर चला गया। इसके बाद जब घर पर पुलिस टीम पहुंची और मोहल्ले के लोग जमा हुए तो वह लौटा। घर में तीन शव देख मां के बार में पूछा। लोगों ने बताया तो बोला, क्या मां अभी जिंदा है... मुझे उनके पास ले चलो। यही नहीं, शवों के पास बैठकर रोया और सदमे में जाने का ड्रामा भी किया।
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, सोमवार दोपहर लगभग 12:40 बजे कमल घर के अंदर घुसा। यहां से लगभग 1:55 बजे घर से निकला और बाइक लेकर चला गया। किसी प्रकार की हड़बड़ाहट न होने के कारण आसपास के लोगों को भी कोई शक नहीं हुआ।
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etah murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद मार्ग पर सुनहरी नगर गेट के सामने स्थित मेडिकल स्टोर पहुंचकर बड़ी बेटी लक्ष्मी से 500 रुपये लिए और वहां से चला गया। मैनपुरी मार्ग पर पहुंचकर एक पेट्रोल पंप से बाइक में 300 रुपये का पेट्रोल डलवाया। फिर इधर-उधर घूमता रहा और जब पता चला कि पुलिस और मोहल्ले के काफी लोग घर पर आ गए हैं तो घर पहुंचा। घर में तीन ही लोगों के शव देख उसने सवाल किया कि मां कहां है?
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चार लोगों की हत्या के बाद नगला प्रेमी में उमड़ा लोगों का हुजूम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों ने बताया कि उनकी सांस चल रही है तो चौंक कर बोला क्या जिंदा हैं अभी मां... मुझे उनके पास ले चलो। इसके बाद रोने लगा और जब खोजी कुत्ते को पुलिस के साथ देखा तो सदमे में जाने का ड्रामा करने लगा। रिश्तेदारों व परिचितों को न पहचानने की बात कहता रहा। पूछता था कि आप कौन हैं।
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4 लोगों की हत्या के बाद नगला प्रेमी में उमड़ा लोगों का हुजूम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चेहरे पर तरह-तरह के भाव बनाता रहा ताकि लोगों को लगे कि वह काफी दुखी, परेशान और सदमे में है। उसकी इन्हीं हरकतों से पुलिस को शक हो गया कि हत्या में कमल सिंह का ही हाथ है। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और रात में उससे की गई पूछताछ में पूरी सच्चाई सामने आ गई।
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माता-पिता, भाभी व भतीजी की मौत के बाद विलाप करती गंगा सिंह की बेटी को सांत्वना देतीं महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पॉलीथिन में क्या लाया था कमल सिंह
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज में यह भी पाया गया है कि मेडिकल स्टोर से घर आते समय कमल सिंह बाइक पर पॉलीथिन में कुछ सामान लेकर आया था। यह सामान क्या था इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। आशंका जताई जा रही है कि इसमें कोई नशीला पदार्थ हो सकता है। संभवत: उसने नशा खुद किया या परिवार वालों को दिया।
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शहर के भूतेश्वर स्थित श्मशान पर एंबुलेंस के माध्यम से लाई गईं अर्थियां
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अर्थियों के लिए नहीं मिले कंधे, एंबुलेंस में निकली शवयात्रा
एटा के नगला प्रेमी में एक साथ परिवार के 4 लोगों की अर्थी उठीं। वहां बड़ी संख्या मौजूद महिलाओं की आंखें नम थीं। इस दौरान चार अर्थियों को उठाने के लिए कंधे नहीं मिल सके। तीन एंबुलेंस में चारों शव श्मसान भूमि पहुंचाए गए। यहां अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने परिवार में बची लक्ष्मी और इसके छोटे भाई देवांश को गांव लोहाखार थाना बागवाला पहुंचा दिया है।
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मृतक गंगा सिंह
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15 साल पहले नगला प्रेमी में गंगा सिंह ने बना लिया था मकान
मूल रूप से गांव ऊंचा नगरिया थाना सहावर निवासी गंगा सिंह शाक्य व उनके भाई गीतम सिंह अपनी बुआ के गांव लोहाखार में वर्षो पूर्व आकर बस गए थे। इसके बाद गंगा सिंह ने करीब 15 साल पहले नगला प्रेमी में मकान बना लिया। सुनहरी नगर गेट के सामने चिकित्सा व्यवसाय करते थे।
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मृतका श्यामा देवी
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पुलिस ने रात में कराया पोस्टमार्टम
पुत्र कमल सिंह को किराए की दुकान में मेडिकल स्टोर खुलवा दिया। इसी से परिवार का भरण-पोषण हो रहा था। सोमवार को बेटे कमल सिंह ने माता-पिता व पत्नी और बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने रात में पोस्टमार्टम कराया और मंगलवार की सुबह अंतिम यात्रा की तैयारी हुई।
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मृतकों के शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाती निजी एंबुलेंस
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तीन एंबुलेंस में चारों शव रखवाए गए
अर्थियां तैयार कर ली गईं। कमल सिंह पुलिस हिरासत में था और उसका कोई अन्य भाई नहीं है, पुत्र भी छोटा है। ऐसे में चार अर्थियों को कंधे देने वाले नहीं मिल रहे थे। तीन एंबुलेंस में चारों शव रखवाए गए। लक्ष्मी, देवांश व उनके रिश्तेदारों के अलावा वहां मौजूद महिलाएं भी अपने आंसू रोक नहीं पाईं।
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मृतका रत्ना देवी
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हंसता-खेलता परिवार एक ही दिन में बर्बाद
अंतिम संस्कार के बाद पिलुआ थाना प्रभारी संजय राघव ने लक्ष्मी को समझाया और वहां मौजूद सभी लोगों को पुलिस की सुरक्षा के साथ गांव लोहाखार भिजवाया। यहां गंगा सिंह के भाई गीतम सिंह के घर पर रखा गया है। मोहल्ले के लोगों के बीच चर्चा रही कि कल तक हंसता-खेलता परिवार एक ही दिन में बर्बाद हो गया। जहां चहल-पहल रहती थी, उस गली में सन्नाटा पसर गया।
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घर के बाहर बदहवाश हालत में बैठा देवांश।
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अपने बेटे की मौत के बाद देवांश को लिया था गोद
कमल सिंह ने देवांश को गोद लिया था। इसके चचेरे ससुर गंगा सिंह ने बताया कि करीब 12 साल पहले कमल सिंह के पुत्र की मौत हो गई थी। उस समय के आसपास ही इनकी बहन नीलम ने एक पुत्र को जन्म दिया था। नीलम पर एक बड़ा पुत्र भी है। कमल सिंह और इसकी पत्नी रत्ना देवी ने अनुरोध कर नीलम के पुत्र को गोद ले लिया और तबसे वही माता-पिता के रूप में उसका पालन-पोषण कर रहे थे।
घटनास्थल पर जांच-पड़ताल करते एएसपी श्वेताभ पांडेय।
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आज घर पहुंचेगी प्रोबेशन विभाग की टीम
मां की हत्या और पिता के जेल जाने के बाद देवांश के भविष्य पर सबसे बड़ा संकट मंडरा गया है। फिलहाल उसे गांव में भेज दिया गया है लेकिन उसकी परवरिश को लेकर रिश्तेदारों के बीच भी कुछ तय नहीं हो सका है। उधर सरकारी योजनाओं के लाभ में भी बाधाएं बनी हुई हैं। बड़ी बहन के बालिग होने की स्थिति में उसे बालक का संरक्षक माना जाएगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी अजयपाल सिंह ने बताया कि बुधवार को टीम गांव में जाएगी और पूरी जानकारी करेगी। किसी योजना में बच्चा पात्र पाया जाता है तो उसको लाभ दिलाया जाएगा।