एटीएम उखाड़कर ले जाने वाला गिरोह बेहद शातिर है। यह पहले रेकी करता है, फिर पांच मिनट में एटीएम उखाड़ लेता है और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता है। एसएसपी ने बताया कि पकड़ा गया गैंग हरियाणा और राजस्थान में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है। इनके खिलाफ कई मुकदमों की जानकारी मिली है। आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। गैंग के सदस्य पहले रेकी कर ऐसे एटीएम को चिह्नित करते हैं, जहां पर गार्ड नहीं होते हैं। रेकी के बाद गाड़ी से आते हैं। एटीएम उठाकर ले जाते हैं। चूंकि टाटा इंडिकैश के एटीएम जमीन में फिक्स कर नहीं लगाए जाते, इसका फायदा बदमाशों को मिलता है। कंपनी के एटीएम बोल्ट से कस दिए जाते हैं। बदमाश ऐसे एटीएम को पांच मिनट में खोल कर ले जाते हैं। कलाल खेरिया में भी एटीएम ले जाने से पहले रेकी की थी। बदमाश एक्सप्रेस-वे के रास्ते से आए थे। पुलिस को उनकी गाड़ी का नंबर सीसीटीवी फुटेज से मिला था। उनके रास्ते को चेक किया गया। इसके बाद पुलिस टीम नूंह में पहुंची थी। पुलिस टीम ने हरियाणा में डेरा डाला था। सुराग मिलने के बाद बदमाशों को तलाश किया जा रहा था।