कनाडा के भारत मार्ग चैनल के जरिए मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर अब तक करीब 5512 साल के इतिहास को समेटे एक डॉक्यूमेंट्री तैयार होगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति अब इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए देश दुनिया के सनातन धर्म के लोगों के सामने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बार-बार हुए आक्रमण और निर्माण की गाथा को सामने रखेगी, ताकि अदालत में अपना पक्ष रखने के साथ लोगों के सामने भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि का इतिहास लाया जा सके। इसके लिए समिति ने कनाडा के भारत मार्ग चैनल के साथ करार किया है। तैयार डॉक्यूमेंटरी अदालत को साक्ष्य के रूप में सौंपी जाएगी।
वृंदावन में रविवार को इस्कॉन मंदिर के पास स्थित एक होटल में डॉक्यूमेंट्री के संबंध में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि 5512 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा के कारागार में जन्म लिया था। इसके बाद भगवान ने ब्रज में 12 वर्ष तक लीलाएं कीं और फिर द्वारिका में राज किया।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि
- फोटो : अमर उजाला
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर अब तक उनके जन्मस्थान पर कई बार आक्रमण हुए। जीर्ण-क्षीर्ण हो चुके भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान को उनके प्रपौत्र बज्रनाभ ने बनवाया, तो इसके बाद 1017 में महमूद गजनवी ने भारत पर अपने 9वें आक्रमण में ध्वस्त कर दिया। इसके बाद दिल्ली के महाराजा विजयपाल सिंह देव ने इसे दोबारा बनवाया।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि
- फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष के अनुसार 1488 श्रीकृष्ण जन्मस्थान को सिकंदर लोधी ने ध्वस्त कर दिया। 1669 में ओरछा नरेश वीर सिंह बुंदेला ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान का निर्माण करवाया था।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वर्ष 1669 में औरंगजेब ने आक्रमण किया और श्रीकृष्ण जन्मस्थान को ध्वस्त कर दिया। वर्ष 1757 में मराठा सेनापति महाजी सिंधिया ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान का निर्माण करवाया, तब पोतरा कुंड भी बनवाया गया। इसके साथ ही 1945 में पंडित मदनमोहन मालवीय ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान का सुंदरीकरण करवाया। इस इतिहास को डॉक्यूमेंट्री में दिखाया जाएगा।