कोरोना और डेंगू की परेशानियों से दूर आज खुशियों के दीप घर-घर में जगमग होंगे। घरों से लेकर बाजारों तक में उल्लास है। सुप्रीम कोर्ट ने हरित पटाखों की अनुमति दी तो प्रशासन ने भी आज आतिशबाजी के लिए दो घंटे निर्धारित किए हैं। रंगोली, बंदनवार से सजे घरों को रंगबिरंगी झालरों से सजाने के बाद महालक्ष्मी के आगमन के लिए तैयार किया गया है। आज शाम को घरों और प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीगणेश और महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। पूजन के बाद हरित पटाखों की धूम मचेगी। महालक्ष्मी के स्वागत के लिए पूरा शहर सज-धजकर तैयार है। हर गली-मोहल्ले, कॉलोनी, बाजार, शोरूम को सतरंगी रोशनी से सजाया गया है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार दिवाली पर महालक्ष्मी के पूजन के लिए चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान श्री गणेश और लक्ष्मी जी की प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल छिड़क कर उस स्थान एवं आसन को पवित्र करें। मां लक्ष्मी के समीप केसर युक्त चंदन से अष्टदल कमल बनाकर चांदी का सिक्का रखकर पूजा करें।