मथुरा के राधाकुंड में बनी तुलसी की कंठी माला अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों में पहुंच रही है। राधा-कृष्ण नाम तो कहीं उनकी युगल स्वरूप की तस्वीर से बनी कंठी माला, किसी माला की आकृति शंख की है तो किसी माला में जगन्नाथ प्रभु विराजमान हैं। ऐसी सैकड़ों प्रकार की तुलसी से बनी कंठी माला राधाकुंड में कार्तिक नियम सेवा में आने वाले भक्तों को आकर्षित कर रही हैं। भक्तों का भाव माला को गले से पहनने से लेकर जप करने का है। यही कारण है कि ब्रज के आंगन की तुलसी की कंठी माला बनकर देश ही नहीं बल्कि सात समुंदर पार अमेरिका, रूस, चीन जैसे देशों में इस्कॉन अनुयायियों के माध्यम से पहुंच रही है। राधाकुंड में गौड़ीय संप्रदाय से जुड़े वैष्णव राधा-कृष्ण नाम की तुलसी धारण कर रहे हैं। हिंदू धर्म में भी तुलसी का विशेष महत्व है। इसलिए ज्यादातर घरों के आंगन में तुलसी का पौधा होता है।