सर्दी बढ़ने के साथ ही ठाकुरजी को भी ठंड असर करने लगी है। भाव सेवा के तहत सेवायत एवं भक्त ठंड के इस मौसम में ठाकुरजी को हल्की रजाइयों में सुला रहे हैं। बाजारों में भी ठाकुरजी के डिजाइनर परिधान आ गए हैं। इन्हें खरीदने के लिए श्रद्धालुओं में उत्सुकता दिख रही है। कहते हैं भगवान भावनाओं के वशीभूत होते हैं। इसी भावसेवा के तहत श्रद्धालु अपने आराध्य को ठंड से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। आस्था भरे भाव के चलते ब्रज में श्रद्धालु अपने आराध्य को सर्दी से बचाने के जतन करने लगे हैं। ठाकुर जी के लिए ऊनी और गर्म पोशाकों की जमकर खरीदारी हो रही है। भगवान की ऊनी पोशाकें देश में ही नहीं विदेशी श्रद्धालुओं को भी खूब भा रही हैं। ठाकुर जी की ऊनी और गर्म पोशाकों की मांग अमेरिका, कनाडा, रूस, अफ्रीका, दुबई, बहरीन, आस्ट्रेलिया, नेपाल और श्रीलंका में भी हो रही है।