आगरा में शहीद परिवार, प्रशासन और शासन...तीनों के बीच संवादहीनता का उदाहरण देखिए। गांव करहई गांव में धरने पर बैठी पुलवामा शहीद की पत्नी से वार्ता के लिए उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शुक्रवार को कार भेजी, लेकिन परिवार नहीं आया। सपा नेताओं ने भाजपा पर शहादत का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री करहई गांव तक आए, लेकिन धरनास्थल पर नहीं गए। इस बीच शहीद के परिवार का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। वीर नारी ममता का कहना है कि मैं दो साल से सीएम से लेकर डीएम तक चक्कर लगाकर थक गई हूं, जिसे बात करनी है वो स्वयं आ जाए।
दो साल पहले पुलवामा हमले में शहीद हुए कौशल किशोर रावत का परिवार पैतृक करहई गांव में शहीद की प्रतिमा के पास दो दिन से धरना दे रहा है। शहीद की पत्नी वीर नारी ममता का आरोप है कि शहीद के नाम पर एकत्र हुए 67.50 लाख रुपये प्रशासन ने उन्हें न देकर मुख्यमंत्री कोष में जमा कर दिए। शहीद की प्रतिमा का अनावरण नहीं हुआ। उन्होंने शासन और प्रशासन पर अमानत में खयानत के आरोप लगाए हैं।