सनातन परंपरा में कंधा और मुखाग्नि बेटे के लिए बताए गए हैं, लेकिन कमला नगर की पायल व्यास ऐसी बेटी हैं, जिन्होंने बेटे का फर्ज निभाते हुए पिता को कंधा दिया। धार्मिक कर्मकांड पूरा कराते हुए पिता को मुखग्नि भी दी। बेटी के इस फर्ज पर कॉलोनीवासियों ने सराहना की है।
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(फाइल फोटो) रविंद्र शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
कमला नगर में रहने वाले 78 साल के रविंद्र शर्मा एयरफोर्स में विंग कमांडर थे। 1996 में सेवानिवृत्त हुए थे। इनका बेटा और बेटी हैं। बेटा कनाडा में जॉब करता है। बेटी पायल साथ में ही रहती है। उनके पति मर्चेंट नेवी में हैं और सिंगापुर में तैनात हैं।
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पिता रविंद्र शर्मा के साथ बेटी पायल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पायल के पिता की तबीयत रविवार की देर रात खराब हुई और सोमवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे दम तोड़ दिया। घर पर मां अकेली थी, भाई को फोन पर सूचना दी। फिर उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए पड़ोसियों को पिता की मौत की जानकारी दी। सत्यमेव जयते संस्था के मुकेश जैन से अंतिम संस्कार की सामग्री आई। पिता को कंधा कौन देगा, मां यह सोचकर परेशान होने लगी।
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पायल व्यास
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में पायल आगे बढ़ी और कहा कि मैं बेटे से कम नहीं, अगर भाई नहीं है तो वह खुद पिता को कंधा देगी पायल ने पिता की अर्थी को कंधा दिया और अंतिम संस्कार किया।
मुखाग्नि देते वक्त पायल ने कनाडा में रहने वाले भाई पंकज को वीडियो कॉल के जरिये पिता की अंतिम यात्रा के दर्शन भी कराए। मां कुसुम शर्मा का कहना है कि बेटा-बेटी में अंतर नहीं समझा, जब बेटा पास में नहीं है तो बेटी ने यह फर्ज निभाया है। पायल बोली कि भले ही पुरुष को यह कर्मकांड करने चाहिए, लेकिन मैंने संतान का फर्ज निभाया है।