फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कब टूटेगी जिम्मेदारों की नींद: आगरा की सड़कों पर खतरनाक गड्ढे, बन रहे हादसे का सबब

Fri, 16 Jul 2021 03:06 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
फुलट्टी बाजार के मैनहोल में गिरे बुजुर्ग - फोटो : अमर उजाला
आगरा की सड़कों पर बारिश में चलना खतरों से खाली नहीं है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे खुले पड़े हैं। ये गड्ढे हादसे का सबब बन रहे हैं। आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-4 मोड़ पर खुले नाले में बारिश के बाद दो घंटे में दो लोगों के गिरने के महज तीन दिन बाद ही फुलट्टी बाजार के खुले मैनहोल में 58 वर्षीय बुजुर्ग गिर गए। बनारस बैंक फाटक के सामने मैनहोल से सामने की दुकानों के संचालकों ने दौड़कर बाहर निकाला। एक महीने से खुले पड़े मैनहोल में गिरने पर बुजुर्ग को हाथ-पैरों में चोटें आई हैं। हादसे से फुलट्टी के व्यापारियों में आक्रोश है। उन्होंने 24 घंटे के अंदर मैनहोल बंद करने की मांग की है। अगर ऐसा न हुआ तो व्यापारी प्रदर्शन करेंगे। 
विज्ञापन

2 of 5
पुलिया निर्माण के बाद इस हिस्से को खुला छोड़ दिया - फोटो : अमर उजाला
आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-4 मोड़ पर हनुमान मंदिर के सामने बाइक सवार और घोड़ी के गिर जाने के बाद भी नगर निगम और वबाग कंपनी ने कोई सबक नहीं सीखा। शहर में मानस नगर, आवास विकास, फुलट्टी, गढ़ी भदौरिया, जगदीशपुरा, सिंधी बाजार, हॉस्पिटल रोड पर ऐसे ही मौत के गड्ढे एक-दो माह से खुले पड़े हैं।
विज्ञापन

3 of 5
सड़क किनारे खुला पड़ा गड्ढा - फोटो : अमर उजाला
मानसून से पहले इन गड्ढों न तो ढका गया और न ही पुलिया का निर्माण किया गया। कभी ये गड्ढे हादसे का सबब बन सकते हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी खबर नहीं है। 

4 of 5
ईंट पत्थर से भर दिया गड्ढा - फोटो : अमर उजाला
दवा व्यापारी आशीष शर्मा ने कहा कि हमारे घर के पास फुलट्टी और व्यापार में हॉस्पिटल रोड पर गड्ढा खुला पड़ा है। हर दिन दोनों जगह इससे जाम लगता है और कोई न कोई गिर रहा है, लेकिन एक महीने से दोनों जगह कोई भी इन्हें बंद नहीं करा रहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हॉस्पिटल रोड पर गड्ढा - फोटो : अमर उजाला
पार्षद रवि बिहारी माथुर ने कहा कि नाले साफ किए नहीं और मैनहोल, पुलिया तोड़कर रखी दीं। अब हादसे हो रहे हैं। लोग मैनहोल में गिर रहे हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस ओर देख नहीं रहे। केवल कागजों पर रिपोर्ट बना रहे हैं। लोगों के साथ हादसों की उन्हें चिंता नहीं।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें