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सीटी स्कैन के दौरान मौत का मामला: इशारों से दर्द बयां कर इंसाफ मांग रहे मासूम दिव्यांश के मूकबधिर मां-बाप

Tue, 21 Dec 2021 12:08 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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मृतक दिव्यांग के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
आगरा में सीटी स्कैन के दौरान तीन साल के दिव्यांश की मौत के मामले में तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर मूकबधिर पिता विनोद और मां वंदना ने सोमवार को कलक्ट्रेट में धरना दिया। उन्होंने इशारों से अपना दर्द बयां किया। उनके साथ मूकबधिर साथियों के अलावा परिजन भी आए थे। उन्होंने मां-पिता के दर्द को अधिकारियों के सामने रखा। परिजनों ने कहा कि चिकित्सक और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी की जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की।

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क्षेत्राधिकारी कोतवाली अर्चना सिंह ने केस में सभी बिंदुओं पर विवेचना कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मामले में थाना नाई की मंडी में विनोद के भाई योगेश कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डा. नितिन अग्रवाल और उनके सहयोगियों को नामजद किया था। इसमें गलत इंजेक्शन लगाने से मौत का आरोप लगाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों का आरोप है कि तीन दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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पिता ने इशारों से बयां किया दर्द - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को विनोद अपनी पत्नी वंदना और परिजनों के साथ कलक्ट्रेट में एसएसपी दफ्तर आए। उनके साथ मूकबधिर साथी भी थे। उन्होंने अपनी भावनाओं को इशारे से व्यक्त किया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी कोतवाली अर्चना सिंह ने परिजनों से बात की। 
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सीटी स्कैन मशीन में जाता मासूम - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने उठाए सवाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के कोमा में जाने के बाद मौत होने के बारे में बताया गया है। परिजनों का कहना है कि घर से अस्पताल लाने और सीटी स्कैन के दौरान दिव्यांश बोल रहा था। खा-पी भी रहा था। ऐसे में कोमा में कैसे हो सकता है। इसलिए दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। डायग्नोस्टिक सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की जाए। इसमें कर्मचारी बच्चे को इंजेक्शन लगाते हुए नजर आएंगे। इन्हें पुलिस क्यों नहीं देख रही है। दिव्यांश की हालत बिगड़ने पर कर्मचारियों ने उसके हाथ-पैर की मालिश की थी। यह भी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में नजर आ जाएगा। 

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इसी सेंटर पर हुआ था सीटी स्कैन - फोटो : अमर उजाला
गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप निराधार 
डाक्टर नितिन अग्रवाल का कहना है कि बच्चे के सिर में चोट लगी थी। उसी से बच्चे की मौत की आशंका है। उन्होंने इंजेक्शन नहीं लगाया। सीटी स्कैन के दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। आरोप निराधार हैं। 
इस संबंध में कोतवाली क्षेत्राधिकारी अर्चना सिंह का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज है। परिजनों ने बच्चे के वीडियो उपलब्ध कराए हैं। इनकी जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोट लगने से कोमा में जाने के बाद होना आया है। मामले में एक्सपर्ट से राय ली जाएगी। दोबारा पोस्टमार्टम के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेने के लिए बोला गया है। 
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सीटी स्कैन से पहले की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
17 दिसंबर को विनोद का तीन साल का बेटा दिव्यांश घर की छत से गिर गया था। पिता विनोद और मां वंदना मूकबधिर हैं। वह उसे नामनेर स्थित अस्पताल में लेकर आए। उसे सीटी स्कैन के लिए धाकरान स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर पर भेज दिया गया। आरोप है कि सीटी स्कैन के दौरान तीन बार इंजेक्शन लगाए गए। इससे पहले दिव्यांश बोल रहा था। खा पी भी रहा था। उसकी मोबाइल से बनी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है। उसकी इंजेक्शन लगाने के बाद हालत बिगड़ी। अस्पताल ले गए तो उसे मृत घोषित कर दिया गया। 
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