आगरा के थाना सैंया के सिपाही सोनू कुमार चौधरी की हत्या को दस दिन हो चुके हैं। पुलिस की सात टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगी हैं। मगर, मुख्य आरोपी ट्रैक्टर चालक बबलू और मालिक अनूप अब तक हाथ नहीं आ सके हैं। यह हाल तब है, जब आरोपियों की पहचान तक हो चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि टीमें आरोपियों की घेराबंदी के लिए धौलपुर में डेरा डाले हैं।
सात नवंबर की रात को थाना सैंया पुलिस को अवैध खनन कर आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली के आने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने घेराबंदी की थी। तभी खेरागढ़ क्षेत्र में एक ट्रैक्टर को रोकने पर सिपाही सोनू कुमार चौधरी की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी।
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शहीद सिपाही सोनू की पत्नी को संभालतीं पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में हत्या सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी को सात टीमों को लगाया गया था। इनमें स्वाट, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल के अलावा दो-दो टीम थाना खेरागढ़ और थाना सैंया की लगाई गई।
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सिपाही हत्याकांड में शामिल आरोपी प्रकाश
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने गुरुवार को एक आरोपी प्रकाश निवासी खरगपुर, थाना कौलारी, धौलपुर को गिरफ्तार किया था। वह सिपाही की हत्या के दौरान ट्रैक्टर पर मौजूद था। उसके साथी खरगपुर के बबलू ट्रैक्टर चला रहा था, जबकि मालिक अनूप हैं। दस दिन बाद भी मुख्य आरोपी हाथ नहीं आ सके हैं। पुलिस की टीमें धौलपुर के गांव खरगपुर, कौलारी, कंचनपुर में डेरा जमाए हैं। थाना खेरागढ़ के एसएसआई विपिन कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं।
मलपुरा में सिपाही की मौत के मामले में आरोपी नहीं पकड़े
मलपुरा के सारा-बरारा मोड़ पर शुक्रवार रात को 11 बजे मिट्टी से भरे डंपर की टक्कर से बाइक सवार पीएसी के सिपाही दीपक (24) की मौत हो गई थी। उनके साथी मोहन सिंह गंभीर घायल हो गए थे। हादसे के बाद चालक डंपर को छोड़कर भाग गया था। डंपर पर नंबर भी नहीं था। इससे आशंका थी कि अवैध खनन करके मिट्टी ले जा रहा था। दीपक मलपुरा के बड़ोदा सदर के रहने वाले थे। वह छुट्टी पर आए थे। वह कानपुर में पीएसी में तैनात थे। इस घटना के चार दिन बाद भी डंपर चालक और मालिक की पहचान नहीं हो सकी है। थाना प्रभारी का कहना है कि चेसिस नंबर को आरटीओ में भेजा गया है। इससे ही मालिक के बारे में पहचान होगी। फिलहाल डंपर फिरोजाबाद का बताया गया है।