थाना न्यू आगरा के अबुल उलाह दरगाह मार्ग पर शनिवार को नाई की मंडी के तोपखाना की रानी की हत्या के आरोपी 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ नहीं आ सके हैं। वह घर पर ताला लगाकर फरार हो गए हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि याकूब ने रानी को समझौते के लिए अबुल उलाह दरगाह बुलाया था। इस दौरान ही उसकी हत्या की प्लानिंग कर रखी थी। दरगाह पर पहुंचने से पहले ही आरोपी हत्याकांड को अंजाम देकर फरार हो गए। सीसीटीवी कैमरे में याकूब स्कूटर पर नजर आ रहा है।
विज्ञापन
2 of 5
रानी हत्याकांड आगरा
- फोटो : अमर उजाला
तोपखाना निवासी रानी की शनिवार को अबुल उलाह मार्ग पर सिर में गोली मारकर हत्या की गई थी। हमलावर एक स्कूटर पर सवार थे। इस मामले में मृतका के पिता ने पति याकूब सहित चार नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों के घर पर दबिश दी, लेकिन वह फरार हो गए।
थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक उमेश त्रिपाठी ने बताया कि दोनों परिवार एक-दूसरे पर कई मुकदमे दर्ज करा चुके थे। इससे दोनों परिवारों में रंजिश बढ़ गई थी। शनिवार को रानी दीवानी में तारीख पर गई थी। पूछताछ में पता चला कि याकूब की रानी से समझौते के लिए बातचीत चल रही थी। मगर, बात नहीं बन सकी। इस पर याकबू ने रानी की हत्या की योजना बनाई। इसके लिए उसे बातचीत के बहाने अबुल उलाह दरगाह पर बुलाया था। क्योंकि दरगाह मार्ग पर भीड़ कम रहती है। यहां कहीं कोई कैमरा भी नहीं लगा है। दीवानी से नाई की मंडी जाने के लिए एमजी रोड से ही जा सकते हैं। यहां गोली मारने पर पकड़े जाते। इसलिए याकूब ने उसे दरगाह पर बुलाया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इसमें स्कूटर सवार हमलावर कैद हो गए। परिजनों ने याकूब को पहचान लिया। वह स्कूटर पर पीछे बैठा हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया था कि स्कूटर पर पीछे बैठे बदमाश ने गोली मारी थी। इससे आशंका है कि याकूब ने ही रानी को गोली मारी थी।
4 of 5
घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
तीन घंटे पहले खाली कर दिया था घर
पुलिस ने बताया कि याकूब का तेलीपाड़ा में मकान है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी, लेकिन मकान पर ताला लगा मिला। लोगों ने बताया कि परिवार शनिवार दोपहर 12 बजे ही घर से चला गया था। जाते समय एक वाहन में घर का सामान भी लेकर चले गए हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी के रिश्तेदार के यहां भी पुलिस गई, लेकिन वह नहीं मिले। ऐसे में परिवार के लोगों को भी आरोपी बनाया जाएगा। क्योंकि उन्हें पहले से घटना के बारे में पता था।
जानलेवा हमले की धारा हटा दी थी
डेढ़ साल पहले रानी को अधमरा करके नाले में फेंका गया था। पुलिस ने उसे बाहर निकाला था। थाना जगदीशपुरा में याकूब और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचक ने जानलेवा हमले की धारा बढ़ाई थी। आरोप है कि याकूब ने पुलिस से सांठगांठ करके धारा हटवा दी थी। जानलेवा हमले की धारा हटने की वजह से याकूब को और उसके परिजनों को जमानत मिल गई थी।