आगरा के ताजगंज क्षेत्र की पुष्पांजलि ईको सिटी कॉलोनी में 11 अक्तूबर की शाम सेवानिवृत्त फौजी अनिल कुमार रजावत की पत्नी संगीता (37) को जिंदा जलाए जाने के मामले में मुख्य आरोपी भरत खरे और पत्नी सुनीता खरे को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने इन दोनों सहित चार नामजद और 10-12 अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप है कि भरत खरे और उसकी पत्नी सुनीता खरे ने 10 लाख रुपये के लिए संगीता को जिंदा जलाया था। यह रकम भरत की ओर से अनिल और संगीता पर दर्ज कराए गए एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा वापस लेने के लिए मांगी गई थी। इसके लिए हुई पंचायत में माफी मंगवाने के नाम पर अनिल और संगीता को अपमानित किया गया। भरत खरे कॉलोनी की वेलफेयर सोसायटी का अध्यक्ष भी है।
विज्ञापन
3 of 5
घटनास्थल पर जांच करते एसपी सिटी
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार दोपहर को घटनास्थल पर पहुंचे एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि बलवा, हत्या, रंगदारी मांगने, षड्यंत्र की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। पंचायत में आरोपियों की तरफ से शामिल लोगों पर भी कार्रवाई होगी।
4 of 5
मृतका संगीता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी को आसपास के लोगों ने बताया कि छह अक्तूबर को अनिल का छह साल का बेटा और भरत का 12 साल का बेटा खेल के दौरान एक दूसरे पर कंकड़ मार रहे थे। भरत के बेटे के सिर में कंकड़ लगने पर उसने थाना ताजगंज में अनिल और संगीता पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करा दिया था। इसी मामले में रविवार को पंचायत हुई थी।
सेवानिवृत्त फौजी अनिल कुमार और उनकी पत्नी संगीता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अनिल का आरोप है कि पंचायत में उसे और संगीता को अपमानित किया गया। संगीता पंचायत छोड़कर घर चली गई तो आरोपी पीछा करते हुए घर पहुंचे और उसे केरोसीन डालकर जला दिया। वह चिल्लाती हुई बाहर निकली। उसने (अनिल ने) बचाने की कोशिश की तो उसके भी हाथ झुलस गए। दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।