आगरा के कमलानगर के कावेरी कुंज निवासी दंत चिकित्सक निशा सिंघल ने जान बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष किया था। उन्होंने बचने के लिए घर में टेबल पर रखा चाकू उठाया था, लेकिन हत्यारोपी शुभम पाठक ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया। इसके बाद चाकू छीनकर उन पर वार करने लगा। चिकित्सक ने हाथ लगाकर बचने की कोशिश। उनके हाथ पर चाकू लग गया। बाद में आरोपी ने उन्हें पकड़कर गला रेत दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने यही बताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर गहरा घाव आया है, जिससे निशा की मृत्यु हो गई।
विज्ञापन
2 of 8
डॉक्टर निशा सिंघल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
दंत चिकित्सक निशा सिंघल की शुक्रवार शाम को लूट के दौरान हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्यारोपी शुभम पाठक निवासी सीता नगर, थाना एत्माद्दौला को देर रात कालिंदी विहार में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में पता चला कि वह कई साल से डॉ. निशा के घर आ रहा था। उनके पति डॉ. अजय सिंघल उसे कई बार बुला चुके थे। इस कारण उनके घर के बारे में जानकारी थी।
विज्ञापन
3 of 8
डॉक्टर निशा हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्राधिकारी (सीओ) हरीपर्वत सौरभ दीक्षित के मुताबिक, आरोपी शुभम ने बताया कि वह सीधे घर में दाखिल हो गया। प्रथम तल पर चढ़ने के बाद डायनिंग हॉल में पहुंचा। यहां पर डॉ. निशा से अंदर से रुपये लेकर आने की कहने लगा। इसी बीच पीछे से पकड़ने की कोशिश की। डॉ. निशा उसके इरादे भांप गईं। इसलिए डायनिंग टेबल पर रखा चाकू उठा लिया। उसे मारने की कोशिश की, लेकिन शुभम ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया। डॉ. निशा ने चाकू को उठाकर शुभम पर वार कर दिया। शुभम के बायें हाथ में चाकू लग गया और खून निकलने लगा।
4 of 8
डॉ. निशा अपने पति और बच्चों के साथ (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. निशा ने बालकनी की ओर भागने की कोशिश की। मगर, शुभम की पकड़ से छूट नहीं सकी। आरोपी ने उनसे चाकू छीन लिया। एक वार किया। मगर डॉ. निशा ने अपने हाथ को लगाकर बचने की कोशिश की, वह घायल हो गईं। इसके बाद शुभम ने उनके गले पर वार किया। उन्होंने उससे छूटने की कोशिश की, लेकिन वह बच नहीं पाई। बाद में उनके गले को रेत दिया। उस समय बच्चे छत पर दरवाजा बंद करने गए थे। शुभम घर से रुपये और गहने लूटने के बाद बेटे अदव्य और बेटी एनिशा के पास पहुंचा। बच्चों के गले पर चाकू मारा। बाद में जमीन पर सिर पटक दिए। इससे दोनों बेहोश हो गए। इस पर आरोपी उन्हें मरा समझकर छत पर गया। चाकू को छत पर फेंक दिया। अपने हाथ भी धो लिए।
विज्ञापन
5 of 8
डॉ निशा सिंघल हत्याकांड : लाल घेरे में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
20 हजार रुपये की चुका दी उधारी, 15 दिन से था वारदात का प्लान
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि सीता नगर निवासी हत्यारोपी शुभम पाठक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसकी पत्नी सात महीने की गर्भवती है। लॉकडाउन में शुभम का काम नहीं चल पाया था। उसने कर्ज ले लिया। उस पर दो लाख रुपये का कर्ज हो गया था। 50 हजार रुपये कर्ज चुका दिया था। मगर, डेढ़ लाख रुपये और बचे थे। यह कर्ज नहीं चुका पा रहा था। उसने अपने एक परिचित से कर्ज लिया था। युवक बार-बार तगादा कर रहा था। 15 दिन से रुपये के इंतजाम के बारे में सोच रहा था।
विज्ञापन
6 of 8
डॉक्टर निशा के घर के बाहर पुलिस और स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
शुभम का डॉक्टर के घर आना-जाना था। इसलिए उनके घर में ही वारदात का प्लान बनाया। उसे पता था कि डॉ. निशा दिन में घर पर अकेली रहती हैं। सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बारे में भी पता था। इसलिए हेलमेट पहनकर गया। डॉक्टर निशा के घर से उसने 24 हजार रुपये, सोने के तीन कंगन, ब्रेसलेट, एक टॉप्स, घड़ी आदि सामान लूटा था। घर जाने के बाद उसने 20 हजार रुपये की उधारी चुकाई थी।
विज्ञापन
7 of 8
मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
ऑपरेशन होने के बाद भेजा जाएगा जेल
शनिवार को पुलिस उसे कोर्ट लेकर गई। हालांकि उसके पैर में गोली लगी थी। उसका आपरेशन होना है। तब तक वह पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में रहेगा। आपरेशन होने के बाद जेल में दाखिल कर दिया जाएगा। पुलिस ने आरोपी से तमंचा, लूटे गए 24 हजार रुपये, बैग में तीन कंगन, एक ब्रेसलेट, कान के टाप्स, घड़ी, मोबाइल, आधार कार्ड मृतका, पहचान पत्र, वाहन चालक लाइसेंस, पेन कार्ड और बाइक बरामद की है।
घरवालों से बोला, हादसे में घायल हो गया
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी शुभम पाठक की एत्माद्दौला क्षेत्र में मोबाइल की दुकान है। वह हत्या के बाद अपनी दुकान पर गया था। यहां दुकान बंद करने के बाद घर पहुंचा था। उसके हाथ पर कट का निशान था। कपड़ों पर भी खून लगा था। घरवालों ने हाथ पर कट के बारे में पूछा था। शुभम ने बताया कि रास्ते में बाइक गिर गई थी। इससे हाथ में चोट लग गई। वह दवा ले लेगा। इसके बाद वह घर से निकल गया। यहां से अपने एक परिचित के पास पहुंचा था। रात में उसके साथ पार्टी की थी।