आगरा के अधिवक्ता कपिल पंवार की हत्या के बाद उनकी बूढ़ी मां निर्मला देवी का रो-रोकर हाल बेहाल है। उनका कहना है कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कपिल की सास उसके साथ ऐसा करेगी। रिश्तेदार भी हैरान हैं। उधर, हत्यारोपी सास शिमला पंवार ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि कपिल को वह कभी दामाद के रूप में स्वीकार ही नहीं कर पाई। वह अलग जाति का था, बेटी ममता ने अपनी मर्जी से दूसरी जाति में प्रेम विवाह किया था। ममता ने उसे पति मान लिया लेकिन परिवार में कोई और कपिल को स्वीकार नहीं कर पाया था। यही वजह थी कि बेटी की मौत के बाद यह नफरत और बढ़ती गई।