गोरखपुर: घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय आरोपी रामगोविंद इतने गुस्से में था कि अगर उसे लोगों ने नहीं पकड़ा होता तो वह बहन के शव को टुकड़ों में बदल देता। उधर, बेटी के शव से लिपटी मां बदहवास थी। वह बार-बार यही कह रही थी कि मेरी ही गलती है। बेटी को बहन के घर से बुलाया ही क्यों? वह नहीं आती तो जिंदा रहती। बेटे रामगोविंद को कोसते हुए कहा- उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। राम गोविंद ने गलत किया है। उसे सजा मिलनी ही चाहिए। उधर, घटना के बाद प्रेमी युवक, उसके पिता और भाई फरार हो गए। घर पर सिर्फ प्रेमी युवक की मां ही मौजूद है।