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अधिवक्ता हत्याकांड: 'दरोगा बेटी ने दूसरी जाति में किया था प्रेम विवाह, परिवार को यह मंजूर न था'

Sat, 31 Oct 2020 03:06 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
आगरा के अधिवक्ता कपिल पंवार की हत्या के बाद उनकी बूढ़ी मां निर्मला देवी का रो-रोकर हाल बेहाल है। उनका कहना है कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कपिल की सास उसके साथ ऐसा करेगी। रिश्तेदार भी हैरान हैं। उधर, हत्यारोपी सास शिमला पंवार ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि कपिल को वह कभी दामाद के रूप में स्वीकार ही नहीं कर पाई। वह अलग जाति का था, बेटी ममता ने अपनी मर्जी से दूसरी जाति में प्रेम विवाह किया था। ममता ने उसे पति मान लिया लेकिन परिवार में कोई और कपिल को स्वीकार नहीं कर पाया था। यही वजह थी कि बेटी की मौत के बाद यह नफरत और बढ़ती गई। 
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अधिवक्ता कपिल पंवार (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आगरा के जीवनी मंडी स्थित आस्था सिटी कंपाउंड निवासी कपिल मूल रूप से हापुड़ के गांव असौड़ा के थे। वह 26 अक्तूबर को लापता हुए थे। पुलिस और परिजन मान रहे थे कि उनका अपहरण हुआ है, जबकि 26 अक्तूबर को ही उनकी हत्या कर दी गई थी। 27 अक्तूबर को शव भरतना नहर से बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में उनकी सास शिमला पंवार और दो सुपारी किलर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के दावे के अनुसार सास ने संपत्ति के लिए 10 लाख रुपए देकर कपिल की हत्या कराई थी। 
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अधिवक्ता की हत्या की आरोपी सास - फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में आरोपी सास ने बताया कि बेटी ममता 2003-04 में दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। कपिल भी इसी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली में था। वहीं पर दोनों की दोस्ती हुई। ममता यूपी पुलिस में दरोगा हो गई। कपिल मेरठ में कोर्ट में पेशकार हो गया। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। 2006 में ममता की पोस्टिंग आगरा में हुई। उन्होंने कहा कि अलग अलग रहने से परेशानी होगी। इस पर कपिल नौकरी छोड़कर आगरा आ गए और कचहरी में प्रेक्टिस करने लगे। इसके बाद ममता प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर हो गई।

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अधिवक्ता कपिल पंवार (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
शादी के बाद बदल लिया था नाम
कपिल ने यह नाम शादी के बाद रखा था। उसका नाम यशवीर सैनी था। ममता पंवार से शादी के बाद उसने अपना नाम कपिल पंवार उर्फ यश कर लिया था। इसके बाद भी ममता के परिवार वालों ने काफी दिनों तक कपिल से संबंध नहीं रखा। ममता के कहने पर वह (शिमला) उनके पास आने लगीं। वह कई महीने साथ ही रहती थीं। पिछले साल ब्रेन हेमरेज से ममता पंवार की मौत हो गई। इससे सास-दामाद के रिश्ते और बिगड़ गए। सास को लगा कि कपिल सारी संपत्ति अपने नाम करा लेगा। वह उसी के पास आकर रहने लगी।
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अधिवक्ता कपिल पंवार की मां - फोटो : अमर उजाला
मां ने कहा-ऐसा तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था
कपिल की हत्या के बाद उनकी मां निर्मला देवी का रो-रोकर हाल बेहाल है। उनका कहना है कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कपिल की सास उसकी हत्या करा देगी। बेटे को जरूर कुछ शक हो गया था, तभी उसने उन्हें यहां बुलाया था। वह दस दिन पहले ही आई थीं।लेकिन सास बेटे की हत्या की साजिश रच रही है इसका किसी को पता नहीं चला। शव मिलने के बाद पुलिस ने जब हत्याकांड को खुलासा किया तो हर हैरान रह गया। 
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