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Arjuna Award 2020: दीप्ति ने दिया परिवार को श्रेय, कहा- परिवार ने बनाया अवार्ड के काबिल

Thu, 20 Aug 2020 11:05 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

दीप्ति का कहना है कि सन 2019 में श्रीलंका के खिलाफ 20 रन देकर छह विकेट और सन 2018 में आयरलैंड के खिलाफ 188 रनों की
पारी उनके लिए यादगार क्षणों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि जब भी आगरा में होती हूं, तो भाई सुमित मेरी प्रेक्टिस का टाइम टेबल
पहले से ही तैयार करके रखते हैं।
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क्रिकेटर दीप्ति शर्मा - फोटो : Amar Ujala
इंडियन वुमेंस क्रिकेट टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा ने बुधवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि परिवार के सहयोग के बिना अर्जुन अवार्ड की राह आसान नहीं थी। जिला स्तर की क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक की क्रिकेट में हर मैच के बाद आज भी सबसे पहले मेरे कोच और बड़े भाई सुमित से बातचीत होती है। वह मुझे हरेक मैच के बाद जहां मेरी चूक बताते हैं, वहीं मेरे प्रभावशाली प्रदर्शन पर मेरा कीप इट अप कहकर प्रोत्साहन भी बढ़ाते हैं।
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भारतीय महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा
दीप्ति का कहना है कि सन 2019 में श्रीलंका के खिलाफ 20 रन देकर छह विकेट और सन 2018 में आयरलैंड के खिलाफ 188 रनों की पारी उनके लिए यादगार क्षणों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि जब भी आगरा में होती हूं, तो भाई सुमित मेरे अभ्यास का टाइम टेबल पहले से ही तैयार करके रखते हैं। मैदान में तीन से चार घंटे प्रतिदिन प्रैक्टिस करती हूं। फिटनेस पर भी काफी ध्यान देती हूं।

ये भी पढ़ें- Arjuna Award 2020: 'अपराजिता हैं दीप्ति शर्मा, कड़ी मेहनत से पहुंचीं इस मुकाम पर'

 
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क्रिकेटर दीप्ति शर्मा - फोटो : अमर उजाला
अर्जुन अवार्ड मिलने पर उनका कहना है कि जैसे ही उन्हें इसका पता चला, तो उनके घर में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए अर्जुन अवार्ड का सपना रहता है। मेरा भी सपना था कि मैं अपने खेल से वो मुकाम हासिल करूं कि मेरे बारे में भी अर्जुन अवार्ड की सिफारिश हो। 

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अपने पिता के साथ क्रिकेटर दीप्ति शर्मा - फोटो : अमर उजाला
दीप्ति का मानना है कि शहर के हरेक व्यक्ति की दुआ और परिवार के आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं था। उनका कहना है कि मैं हमेशा इसी मकसद से मैदान में उतरती हूं कि मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।
 
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दीप्ति शर्मा - फोटो : icc
बचपन से ही बनना चाहती थी क्रिकेटर: कोच सुमित शर्मा
इंडियन वुमेंस क्रिकेट टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा के कोच और भाई सुमित शर्मा का कहना है कि शुरू से ही दीप्ति को क्रिकेट खेलने का शौक था। वह लड़कों को मैदान में देख क्रिकेट खेलने आ जाती थी। कुछ लोगों का कहना था कि तुम एक लड़की हो। लड़कियां मैदान में नहीं खेलतीं। लोगों की यह बात सुन दीप्ति निराश हो गई। उस समय दीप्ति के पिता श्रीभगवान शर्मा ने उनका मनोबल बढ़ाया। परिवार में सभी लोगों को कह दिया गया कि दीप्ति अगर क्रिकेट खेलना चाहती हो, तो उसे खेलने दिया जाए। मेरी बेटी मैदान में जाकर ही शहर का नाम रोशन करेगी।
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