आगरा में ग्वालियर हाईवे पर सेवला पेट्रोल पंप और नगला पदमा के बीच एक किमी तक हाईवे की एक साइड जलभराव के कारण बंद हो गई है। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद जलभराव और बढ़ गया, जिस वजह से लगभग 60 हजार लोग गलत दिशा में चलने के लिए मजबूर हैं। नाला न होने के कारण नई बसी कॉलोनियों का पानी हाईवे पर भर गया है। दो साल से लोग इसके लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। जलभराव की इस गंभीर समस्या पर ध्यान आकृष्ट करने के लिए युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धान की रोपाई करके विरोध प्रदर्शन किया।
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हाइवे पर युवा कांग्रेसियों ने रोपा धान
- फोटो : अमर उजाला
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हेमंत चाहर ने कहा कि ग्वालियर हाइवे पर सेवला के पास जलभराव की समस्या स्थायी हो चुकी है। एक ओर सरकार गड्ढा मुक्त सड़कों की बात करती है तो हाइवे पर जलभराव से भी मुक्ति नहीं दिला पा रही है। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर भरे पानी में धान की पौध रोपकर विरोध जताया। उनका कहना था कि आखिर कब तक सरकार आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी करेगी। इस मौके पर दीपक शर्मा, मनोज सिंह, सलमान, चंद्रप्रताप गुप्ता, दीपक पंडित, राकेश आदि मौजूद रहे।
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ग्वालियर हाईवे पर भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा-ग्वालियर-मुंबई को जोड़ने वाले हाईवे के रखरखाव की जिम्मेदारी दो विभागों की है। इसमें रोहता पीएनबी से आगे के हिस्से को एनएचएआई देखता है तो रोहता सुरक्षा विहार कॉलोनी से लेकर बिजलीघर तक पीडब्ल्यूडी। इसमें सेवला के नगला पदमा से लेकर रोहता तक सड़क में गहरे गड्ढे हो गए हैं। दो साल से हाईवे पर पानी भरा है, लेकिन यह पहले कम था, इस कारण वाहन निकल रहे थे। इधर गड्ढे और गहरे होते गए और अब तीन दिन पहले बारिश से इनमें पानी भर गया तो रास्ता बंद हो गया।
आगरा-ग्वालियर हाईवे पर ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था न होने के कारण नई बसी कॉलोनियों का पानी हाईवे पर भर रहा है। बारिश के कारण हालात और खराब होते हैं। पिछले महीने सांसद राजकुमार चाहर ने दौरा भी किया था, लेकिन फौरी तौर पर लोगों को कोई राहत अभी तक नहीं मिल पाई है।
हाईवे की एक लेन बंद पड़ी है। रांग साइड चलने पर हमेशा यही डर लगा रहता है कि कोई वाहन टक्कर न मार दे। घर के सामने ही पानी भरा है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है। -पूजा बोहरा ग्वालियर रोड
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर हाईवे की सड़क पर रोपे धान
- फोटो : अमर उजाला
बारिश होते ही हालात खराब हो गए हैं। पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जब तक नाला बनेगा तब तक तो एक-दो साल लग जाएंगे। हमें तुरंत राहत चाहिए। पंपसेट लग जाए तो समस्या दूर हो जाएगी, पानी भरा रहा तो संक्रामक रोग फैल जाएंगे। -मनीष तिवारी, सेवला
नाले का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। लोगों की समस्या की जानकारी है, लेकिन बजट नहीं है। इस कारण नाला नहीं बन पाया है। बजट स्वीकृत होते ही काम शुरू करा देंगे - योगेश पवार, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी
पानी निकलवाने को डीएम से कहा है: सांसद
मैंने हाईवे के जलभराव पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ पिछले महीने दौरा किया था और समस्या देखी थी। पीडब्ल्यूडी ने योजना बनाकर शासन तक भेज दी है। उम्मीद है कि बजट पास होकर नाले का निर्माण शुरू हो जाएगा, लेकिन इसमें समय लगेगा। तब तक पानी निकालने के लिए पंपसेट लगाने के लिए डीएम से कहा है। -राजकुमार चाहर सांसद, फतेहपुर सीकरी