प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रविवार को ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में आगमन भक्ति भावना से भरपूर रहा। मुख्यमंत्री ने श्रीबांकेबिहारी मंदिर में विधि-विधान के साथ ठाकुरजी का पूजन किया। वह लगभग 15 मिनट तक मंदिर में रुके। हर बीतता क्षण उन्हें ठाकुरजी के श्रीचरणों के करीब ले गया। ठाकुरजी की अलौकिक छवि को मुख्यमंत्री योगी अपलक निहारते रहे।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
वृंदावन: बांकेबिहारी मंदिर को जाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
सुबह तय कार्यक्रम से लगभग 35 मिनट देरी से दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच सिंह द्वार से बांकेबिहारी मंदिर में प्रवेश करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी वीआईपी गैलरी में पहुंचे। यहां मंदिर प्रबंधन द्वारा चौकी लगाई गई। इस चौकी पर खड़े होकर उन्होंने ठाकुरजी का पूजन किया।
विज्ञापन
3 of 5
वृंदावन: बांकेबिहारी मंदिर में पूजा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत ब्रजेश गोस्वामी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य मुख्यमंत्री योगी से पूजन कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित किया। मनोकामना पूर्ण के लिए मुख्यमंत्री ने फल, फूल और प्रसादी को ठाकुरजी को अर्पण किया। मुख्यमंत्री ने इत्र, चंदन, पुष्पमाला के साथ अंगवस्त्र की प्रसादी ग्रहण की।
4 of 5
वृंदावन: बांकेबिहारी मंदिर में पूजा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुरजी की मनोहारी छवि को मुख्यमंत्री योगी काफी देर तक अपलक निहारते रहे। कुछ क्षणों तक मुख्यमंत्री आंखें मूंदे ठाकुरजी के ध्यान में लीन हो गए। आंखें खुलीं तो बस हल्का सा मुस्कुराए और ठाकुरजी का आभार जताते हुए माथा टेका। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा, जिलाध्यक्ष मधु शर्मा, महानगर अध्यक्ष विनोद अग्रवाल आदि थे।
वृंदावन: बांकेबिहारी मंदिर के बाहर लंगूर
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री के आगमन के चलते एक घंटा पहले ही मंदिर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया। इससे बांकेबिहारी मंदिर के आसपास गलियों में भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई। मुख्यमंत्री के जाने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मंदिर परिसर में मौजूद रहे। मंदिर के आसपास बंदरों के उत्पात को देखते हुए लूंगर तैनात किए गए।