फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरें: 25 लोगों की जान बचाकर बहादुरी की मिसाल बने निहाल, राष्ट्रीय पुरस्कार को भेजा जाएगा नाम

Sat, 13 Jul 2019 02:37 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
निहाल सिंह - फोटो : अमर उजाला
आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए बस हादसे में 25 लोगों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकालकर उनकी जान बचाने वाले निहाल सिंह युवाओं के लिए मिसाल बन गए हैं। निहाल के साथ फोटो खिंचवाने में नौजवान फख्र महसूस कर रहे हैं। वहीं एसएसपी बबलू कुमार ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देने और डीएम एनजी रविकुमार ने उनका नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भेजे जाने की बात कही है। 
विज्ञापन

2 of 5
आगरा बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
चौगान गांव के बघेल ठार के रहने वाला निहाल सिंह ने अपने दो भाइयों के साथ झरना नाले पर हुए हादसे में बस का शीशा तोड़कर 25 लोगों की जिंदगी बचाई थी। इनमें से 18 को तो निहाल और उसके दो भाइयों ने ही निकाला था। बस नाले में गिर चुकी थी, 29 लोग मर चुके थे। बस के शीशे बंद थे, नाले में 20 फुट पानी था। अंदर से बाहर आना बहुत मुश्किल था। 
विज्ञापन

3 of 5
आगरा बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
दुर्घटना के समय निहाल सिंह अपने घर से आधा किमी दूरी पर शौच के लिए निकला था, तभी तेज आवाज सुनकर वह दौड़ता हुआ घटनास्थल पर पहुंचा। बाद में उनके भाई प्रेमपाल, रामपाल व गांव के रमेश और अन्य लोग भी आ गए थे। निहाल सिंह के पिता रामसिंह कहते हैं कि निहाल सिंह, प्रेमपाल व रामपाल ने लोगों की जान बचाकर उनका सीना चौड़ा कर दिया।

4 of 5
बहादुर निहाल सिंह - फोटो : अमर उजाला
निहाल सिंह कहते हैं कि मैं खुशनसीब हैं जो मुझे किसी की जान बचाने का मौका मिला। यह तो हर इंसान का फर्ज है। इससे कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। जो भी सबसे पहले पहुंचे, या वहां मौजूद हो, उसे ही मदद करनी चाहिए। निहाल सिंह ने बताया कि वो कक्षा पांच पास है। गांव में ही खेती करता है। समय मिलने पर मजदूरी भी कर लेता है। उसके परिवार में उसकी पत्नी सुनीता देवी, बेटा कृष्णा, तरुन और दो बेटी परी व पायल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अपने परिवार के साथ निहाल सिंह - फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेस वे पर 2017 में हिमाचल से स्कूली बच्चों को लेकर आगरा ताजमहल देखने आते समय झरना नाले के पास ही घने कोहरे के कारण बस पलट गई थी। उसमें 24 से अधिक बच्चे फंस गए थे। उस समय भी निहाल सिंह ने घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचकर बस के शीशे तोड़कर बच्चों को को बाहर निकाला था। निहाल सिंह का घर झरना नाला के पास ही है, इस कारण जल्दी पहुंच गए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें