बहादुर निहाल सिंह
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निहाल सिंह कहते हैं कि मैं खुशनसीब हैं जो मुझे किसी की जान बचाने का मौका मिला। यह तो हर इंसान का फर्ज है। इससे कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। जो भी सबसे पहले पहुंचे, या वहां मौजूद हो, उसे ही मदद करनी चाहिए। निहाल सिंह ने बताया कि वो कक्षा पांच पास है। गांव में ही खेती करता है। समय मिलने पर मजदूरी भी कर लेता है। उसके परिवार में उसकी पत्नी सुनीता देवी, बेटा कृष्णा, तरुन और दो बेटी परी व पायल हैं।