फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाली तीजः स्वर्णरजत हिंडोले में विराजित ठाकुर बांकेबिहारी, भक्तों पर प्रतिबंध

Wed, 22 Jul 2020 06:01 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

इस बार कोरोना संक्रमण के प्रतिबंधों के चलते नहीं मिले भक्तों को दर्शन
 
विज्ञापन
1 of 5
बांकेबिहारी मंदिर में स्वर्ण रजत हिंडोला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
हरियाली तीज पर गुरुवार को ठाकुर बांकेबिहारी स्वर्ण रजत निर्मित हिंडोले में विराजमान होकर झूल रहे हैं। वर्ष में सिर्फ एक बार होने वाले इस धार्मिक आयोजन के साक्षी इस बार बांकेबिहारी के भक्त नहीं हैं। कोरोना संक्रमण के चलते भक्तों के लिए ठाकुर जी के दर्शन पर प्रतिबंध है। 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
स्वामी हरिदास जी महाराज के लाडले बांके बिहारी लाल सावन मास शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि पर स्वर्ण रजत निर्मित अमूल्य हिंडोले में विराजित होकर अपने भक्तों को कृतार्थ करते हैं। जिसकी एक झलक पाने के लिए देश भर के दूरदराज इलाकों से आने वाले लाखों भक्त लालायित रहते हैं। लेकिन इस वर्ष भक्तों की इस अभिलाषा पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
 
विज्ञापन

3 of 5
बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन - फोटो : अमर उजाला
हरियाली तीज पर भक्तजन आराध्य की इस अद्भुत छवि को निहार नहीं पाए, जबकि ठाकुर जी तो अपने पूर्ण वैभव के साथ हिंडोले में विराजे। सेवायत गोपी गोस्वामी ने बताया कि कोरोना की बंदिश के कारण इस वर्ष भक्तों को दर्शन सुलभ नहीं हो पाएंगे।
 

4 of 5
ठाकुर बांकेबिहारी महाराज - फोटो : अमर उजाला
आजादी के दिन 15 अगस्त 1947 को ठाकुर जी पहली बार इस दिव्य आकर्षक हिंडोले पर विराजित हुए थे। उस दिन हरियाली तीज का दिन था। हिंडोले के ऊपरी हिस्से की पच्चीकारी अपने आप में अद्भुत है। हिंडोले के दोनों और आदमकद सखियों की प्रतिमाएं बरबस ही भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बांकेबिहारी महाराज का स्वर्ण रजत सिंहासन - फोटो : अमर उजाला
हिंडोले पर विराजमान ठाकुर जी के श्रीविग्रह को सुगंधित इत्रों की मालिश कर रेशम की कढ़ाई कर हरे रंग के वस्त्र धारण कराए जाते हैं। ठाकुर जी के अनन्य भक्त सेठ हरगुलाल बेरीबाल परिवार ने इस हिंडोले को तैयार कराया था। लकड़ी पर नक्काशी उकेरने के बाद एक हजार तोला सोना व दो हजार तोला चांदी के पतरों से झूले को अंतिम रूप दिया गया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें