ताजमहल देश का पहला ऐसा स्मारक होगा, जहां दुधमुंहे बच्चों को स्तनपान के लिए बेबी फीडिंग रूम बनाए जाएंगे। इसके साथ ही आगरा किला और फतेहपुर सीकरी स्मारक भी इस पहल को प्रोत्साहन देने की कवायद का हिस्सा बन रहे हैं। इन तीनों ही विश्व विरासत स्मारकों में महिलाओं को अपने दुधमुंहे बच्चों को स्तनपान कराने के लिए ‘बेबी फीडिंग रूम’ की सुविधा उपलब्ध होगी।
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ताजमहल में भीड़
ताजमहल समेत अन्य स्मारकों में महिला पर्यटकों के सामने तब असहज स्थिति बनती है, जब दुधमुंहे बच्चों को स्तनपान कराना होता है तो किसी पेड़ के पीछे या ओट लेनी पड़ती है। इस मामले में पहली बार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने महिलाओं की निजता का ख्याल रखते हुए बेबी फीडिंग रूम खोलने की शुरूआत की है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
एएसआई आगरा सर्किल ने दिल्ली मुख्यालय को तीनों वर्ल्ड हेरिटेज स्मारकों में बेबी फीडिंग रूम खोलने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे पास कर जल्दी शुरूआत करने को कहा गया है। ताजमहल में बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय महिला पर्यटक भी आती हैं, जिनसे मिले फीडबैक और स्थिति को देखकर आगरा सर्किल के एएसआई अधिकारियों ने यह प्रस्ताव तैयार किया।
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ताजमहल
ताज में रॉयल गेट पर पश्चिमी हिस्से में एन्क्लोजर बनाकर बेबी फीडिंग रूम बनाया जाएगा। आगरा किला में दीवान ए आम से पहले प्रवेश द्वार पर ही दांयी ओर एक सेल खाली है, यहां यह रूम बनाया जाएगा। फतेहपुर सीकरी में पंचमहल और जोधाबाई के महल के बीच जगह की तलाश जारी है।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि ताज, किला और सीकरी में बेबी फीडिंग रूम से महिलाओं को आसानी होगी और बच्चों पर पूरा ध्यान दिया जा सकेगा। इन रूम में कुर्सी, मेज, पंखा और लाइट के साथ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं होंगी। महिला पर्यटकों का फीडबैक लेकर अन्य सुविधाओं को देने पर विचार होगा।