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गर्लफ्रेंड का खर्चा उठाने के लिए की एटीएम में चोरी, इस तरह दिया घटना को अंजाम

Sun, 14 Jun 2020 06:06 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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पुलिस कस्टडी में चोरी के आरोपी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 12 स्थित पद्म बिजनेस पार्क में 11 जून की रात को सिंडिकेट बैंक के एटीएम का ताला खोलकर 6.27 लाख रुपये की चोरी के आरोपी शिवम उर्फ शुभम, हिमांशु उर्फ गोलू और बॉबी को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। बैंककर्मी शिवम ने बताया कि मैनेजर ने उसे दस जून को ग्राहकों की केवाईसी अपडेट करने के लिए मोबाइल दिया तो उसने एटीएम का पासवर्ड देख लिया था। उसे गर्लफ्रेंड पर खर्च करने के लिए रुपयों की जरूरत थी पढ़िये पूरा घटनाक्रम अगली स्लाइड्स में...
 
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एटीएम से नकदी चोरी करने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सिंडिकेट बैंक के मैनेजर रवि पाठक एटीएम का पासवर्ड बैंक अधिकारियों के व्हाट्सग्रुप पर रखते थे। इस ग्रुप से बैंक के बड़े अधिकारी जुड़े हुए हैं। इस बारे में शिवम को पता था। दस जून को रुपये निकालने आने के दौरान मैनेजर ने अपना मोबाइल दिया तो उसने ग्रुप से पासवर्ड देख लिया।

तीन मिनट में एटीएम खोलकर 6.27 लाख की चोरी, सात घंटे में खुलासा, चौंकाने वाली है यह वारदात

 
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बैंककर्मियों से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
शिवम को बैंक में करीब 17 हजार रुपये महीने मिलते थे। इस पैसे में वह खर्च पूरे नहीं कर पा रहा था। उसकी एक गर्लफ्रेंड भी है। उस पर खर्च करने के लिए वह बड़ी रकम चाहता था। एटीएम से रुपये चोरी का प्लान उसने इसीलिए बनाया। शिवम ने हिमांशु को लॉक और पासवर्ड खोलने के बारे में बता दिया। हिमांशु एटीएम में गया, बाकी दोनों वहां से थोड़ी दूर खड़े रहे। चोरी के बाद तीनों अपने-अपने घरों के लिए चले गए। बॉबी के घर पर रुपये छिपाए थे। थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

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घटनास्थल पर पुलिस (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
शिवम के पिता भी सिंडिकेट बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। तीन साल पहले उन्होंने मैनेजर से बेटे की नौकरी लगवाने के लिए सिफारिश की थी। पिता की अच्छी छवि होने से बैंक मैनेजर ने उनके बेटे को नौकरी पर रख लिया, जबकि वह कक्षा दस ही पास था। बैंक में अच्छा काम किया तो कर्मचारी विश्वास करने लगे। रुपये जमा करने के लिए भी साथ में ले जाने लगे थे।
 
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एटीएम में चोरी करने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
आरोपी हिमांशु बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। अगस्त, 2019 में मोबाइल लूट के मामले में थाना सिकंदरा पुलिस ने जेल भेजा था। डेढ़ महीने बाद जमानत पर छूटकर आया। पिता जूता फैक्टरी में काम करते हैं। एक बहन है। जेल से छूटने के बाद बॉबी के भाई के साथ दिल्ली में एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करने लगा था। लॉकडाउन में घर लौटा था। इसी दौरान प्रेस में अग्निकांड की घटना हो गई। दोनों को सैलरी मिलना बंद हो गई। हिमांशु के अनुसार, उसे पुराने मामले में पैरवी के लिए रकम की जरूरत थी। इंतजाम के लिए चोरी की योजना में शामिल हो गया। 
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चोरी के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
आरोपी बॉबी के पिता बीमार हैं। उनके पैर में फ्रैक्चर होने से कई साल से काम नहीं कर पा रहे हैं। मां घरों में काम करती है। इसी से गुजारा होता है। भाई खाली बैठा है। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। दोस्त शिवम ने उसे चोरी के बारे में बताया। कहा कि आधी-आधी रकम रख लेंगे। बॉबी लालच में आ गया।
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