अनामिका शुक्ला के नाम से प्रदेशभर में हुए फर्जीवाड़े में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अंबेडकर नगर में पढ़ाने वाली फर्जी शिक्षिका अनीता को आधी से भी कम सैलरी मिलती थी। बाकी रुपये जालसाज पुष्पेंद्र लेता था। इसका खुलासा मैनपुरी से उसकी गिरफ्तारी होने के बाद हुआ। बेवर की रहने वाली अनीता ने अनामिका शुक्ला के अभिलेखों से कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नौकरी पाई थी।
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पुलिस हिरासत में शिक्षिका
- फोटो : अमर उजाला
फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अंबेडकर नगर पुलिस को वहां अनामिका शुक्ला के नाम से तैनात फर्जी शिक्षिका का पता चला। पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि मैनपुरी जिले के बेवर की अनीता अनामिका नाम से नौकरी कर रही है। इसके बाद बेवर थाना पुलिस की मदद से अंबेडकर नगर पुलिस ने शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया और ले गई।
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फर्जी शिक्षिकाएं
- फोटो : अमर उजाला
अनीता ने बताया कि वर्ष 2017 में उसके पति कप्तान सिंह की मौत सड़क दुर्घटना में हो गई। मार्च 2019 में बेवर में उसकी मुलाकात पुष्पेंद्र नाम के व्यक्ति से हुई। वो कहां का रहने वाला है यह उसे नहीं मालूम। मुलाकात के 20 दिन बाद उसने बातचीत कर आंबेडकर नगर के कस्तूरबा विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका के पद पर नौकरी दिला दी।
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पुष्पेंद्र का भाई जसवंत गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
अनीता अंबेडकर नगर में ही रहकर नौकरी करने लगी। मानदेय के रूप में उसको पुष्पेंद्र ही नकद 10 हजार रुपया दिया करता था, जबकि 22 हजार रुपये मानदेय मिलता है। अनीता ने बताया कि बाकी मानदेय के लिए उसने पुष्पेंद्र को कई बार फोन भी किया, उसने फोन रिसीव नहीं किया।
हो सकता है अनीता की तरह अन्य फर्जी शिक्षिकाओं को भी जालसाज आधा मानदेय देता हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसका पता जालसाज पुष्पेंद्र की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा। उसकी गिरफ्तारी के लिए कासगंज के साथ बाकी जिलों की पुलिस भी जुटी हुई है। उसका बड़ा भाई जसवंत मैनपुरी से गिरफ्तार हो चुका है। यह भी फर्जी शिक्षक था।