रुकैय्या
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मैंने ठाना और नए सिरे से जिंदगी शुरू की- रुकैय्या
रामबाग की रहने वाली रुकैय्या का अपनी बहन के यहां अलीगढ़ जाना उनकी जिंदगी के लिए नासूर बन गया है। बहन के देवर ने रुकैय्या पर शादी करने के लिए काफी दबाव बनाया। जब किसी भी तरह से बात नहीं बनी, तो उसने रुकैया पर तेजाब फेंक दिया और फरार हो गया। काफी दिनों तक इलाज चलने के बाद वह सदमे रहीं। रुकैया कहती हैं कि मैंने ठान लिया था कि एक बार फिर नए सिरे से जिंदगी शुरू करूंगी। आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हूं।