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अपराजिता: तेजाबी हमला भी नहीं डिगा सका हौसला, पढ़ें इन बहादुर बेटियों के संघर्ष की कहानी

Sun, 23 Aug 2020 09:23 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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तेजाबी हमले की पीड़िताएं - फोटो : अमर उजाला
तेजाब ने उनके चेहरे को तो झुलसा दिया, लेकिन उनके हौसलों को नहीं डिगा सका। तेजाबी हमले से मिली तकलीफ को इन 'अपराजिताओं' ने अपनी ताकत बनाया। ऐसे हमलों के बाद घर में बंद हो जाने की बजाए इन्होंने समाज की आंखों में आंखें डालकर देखने का विकल्प चुना। आगरा में यह एसिड अटैक सरवाइवर्स इन दिनों शीरोज हैंगआउट में काम कर अपनी जिंदगी को अंधेरे से रोशनी की ओर ले जा चुकी हैं। इन सभी का यह कहना है कि भगवान किसी के साथ ऐसा नहीं करे, जैसा उनके साथ हुआ है। 
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रुकैय्या - फोटो : अमर उजाला
मैंने ठाना और नए सिरे से जिंदगी शुरू की- रुकैय्या 

रामबाग की रहने वाली रुकैय्या का अपनी बहन के यहां अलीगढ़ जाना उनकी जिंदगी के लिए नासूर बन गया है। बहन के देवर ने रुकैय्या पर शादी करने के लिए काफी दबाव बनाया। जब किसी भी तरह से बात नहीं बनी, तो उसने रुकैया पर तेजाब फेंक दिया और फरार हो गया। काफी दिनों तक इलाज चलने के बाद वह सदमे रहीं। रुकैया कहती हैं कि मैंने ठान लिया था कि एक बार फिर नए सिरे से जिंदगी शुरू करूंगी। आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हूं। 
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मधु कश्यप - फोटो : अमर उजाला
हताशा के अंधेरे से जीत ली जंग- मधु कश्यप

कई दिनों से परेशान कर रहे युवक विकास ने कॉलेज जाते समय मधु के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। मधु ने प्रस्ताव यह कहकर ठुकरा दिया कि वो दूसरी जाति से है। इसलिए परिवार के लोग इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेंगे। इस पर विकास ने मधु के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। काफी परेशानी के बाद मधु ने फिर से हिम्मत दिखाई और घर से बाहर निकली। मधु कहती हैं कि उन्हें बेचारा सुनना पसंद नहीं है। इसलिए उन्होंने जॉब करने की ठानी। आज मैं अपने को सुरक्षित महसूस कर रही हूं।

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खुशबू - फोटो : अमर उजाला
अपनों के दिए दर्द ने काफी नुकसान पहुंचाया- खुशबू देवी 

मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली और इन दिनों शीरोज में नौकरी कर रहीं खुशबू देवी के पिता उनके चेहरे पर तेजाब फेंककर फरार हो गए। चीखपुकार के बाद कमरे में पहुंचे उनके पति झुलसा चेहरा देखकर घबरा गए। जब तक खुशबू को चिकित्सक के पास ले जाया गया, तब तक उनका चेहरा काफी हद तक झुलस चुका था। खुशबू का कहना है कि उनके पिता को इस बात का डर सताता रहता था कि कहीं मैं उनके गंदे चरित्र की करतूतों का पर्दाफाश न कर दूं। इसलिए उन्होंने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने मेरी हंसती-खेलती जिंदगी को काफी नुकसान पहुंचा। 
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रूपा - फोटो : अमर उजाला
मुझे तीन बार जहर देकर मारने की कोशिश की थी- रूपा 

शीरोज में काम करने वाली रूपा की सौतेली मां ने रात को सोते समय तेजाब फेंक दिया। चीखपुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जब तक रूपा इलाज के लिए पहुंची, तब तक उनका चेहरा पूरी तरह से जल चुका है। रूपा बताती हैं कि तेजाब फेंकने से पहले उनकी सौतेली मां ने उन्हें तीन बार जहर देकर मारने की कोशिश भी की थी। उन्होंने बताया कि मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि सौतेली मां मेरे साथ खौफनाक वारदात कर सकती है। लेकिन मैं आज अपने पैरों पर खड़ी हूं। 
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शबनम - फोटो : अमर उजाला
शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर फेंका था तेजाब- शबनम

जिस बुटीक पर शबनम ने काम शुरू कर अपना जीवन यापन करना शुरू किया। उसी बुटीक के मालिक ने उनके चेहरे की सुंदरता को तेजाबी हमले से हमेशा के लिए खराब कर दिया। रात में शबनम के घर में बुटीक संचालक ने घुसकर उनके चेहरे पर तेजाब फेंका और वहां से फरार हो गया। शबनम बताती हैं कि बुटीक संचालक ने उन्हें कई बार शादी का प्रस्ताव दिया। हर बार मेरी ओर से प्रस्ताव ठुकरा दिया गया। आज मैं अपने पैरों पर खड़ी होकर नई जिंदगी शुरू कर चुकी हूं।
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